रांची: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता, पेपर लीक, पारदर्शिता और लंबित जांच के मुद्दे को लेकर छात्रों का आंदोलन अब नए चरण में प्रवेश करने जा रहा है। छात्र नेताओं ने 24 अगस्त से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है। यात्रा की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा, रामगढ़ से होगी।
24 अगस्त से शुरू होगी भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के अनुसार, यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों के प्रमुख स्थानों तक जाएगी। इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों, विश्वविद्यालयों और छात्र समुदाय के बीच जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। छात्रों को भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के मुद्दे पर जागरूक किया जाएगा।
यात्रा को सफल बनाने के लिए मार्गदर्शक टीम, मैनेजमेंट टीम, प्लानिंग टीम और इंटरनेट मीडिया हैंडलिंग टीम का गठन किया गया है।
45 परीक्षाओं पर हुई कार्रवाई, 22 रद्द
छात्र नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन के बाद झारखंड सरकार की ओर से 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई की गई। इनमें 22 परीक्षाएं रद्द की गईं, 17 परीक्षाओं की जांच चल रही है, जबकि छह परीक्षाएं स्थगित की गई हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं को दूर करने के लिए अब स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि झारखंड गठन के बाद से भर्ती व्यवस्था में अनियमितता, अपारदर्शिता, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, धांधली और पैरवी के आरोपों के कारण प्रतिभावान युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
आंदोलन का अगला चरण गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी
छात्र नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी योग्य और निर्दोष अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य केवल भ्रष्ट, अपारदर्शी और अनियमित भर्ती व्यवस्था में सुधार कर योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर दिलाना है।
देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह लड़ाई झारखंडी छात्रों की है और इसे आगे भी शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को राज्य के सभी 24 जिलों के प्रखंड और गांव स्तर तक ले जाया जाएगा।
15 सितंबर की सुनवाई पर छात्रों की नजर
छात्र नेताओं ने 15 सितंबर को होने वाली न्यायालय की सुनवाई को भी महत्वपूर्ण बताया है। देवेंद्रनाथ महतो ने उम्मीद जताई कि सरकार सीआईडी जांच की रिपोर्ट और संबंधित भर्ती परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के तथ्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष रखेगी और अपना पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ अन्याय होता है तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर जेपी आंदोलन की तर्ज पर इस संघर्ष को जनआंदोलन से जोड़ा जाएगा।
छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि अपने हक और अधिकार से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।




