
गुमला: झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर डुमरी थाना क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के पांच लाख रुपये के इनामी सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ रामदेव उरांव समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए उग्रवादियों में एक एरिया कमांडर और संगठन का एक सक्रिय सदस्य भी शामिल है। सुरक्षा बलों ने इनके कब्जे से कई अत्याधुनिक हथियार, मैगजीन और संचार उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ कर संगठन के नेटवर्क और इनके द्वारा पूर्व में अंजाम दी गई घटनाओं की जानकारी जुटा रही है।
बड़ी वारदात की फिराक में थे उग्रवादी
पुलिस को सूचना मिली थी कि JJMP का सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा अपने दस्ते के सदस्यों के साथ डुमरी थाना क्षेत्र के आकाशी और जयरागी गांव के आसपास घूम रहा है। इनपुट में आशंका जताई गई थी कि उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से विशेष टीम का गठन किया। इसके बाद इलाके में सघन तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर कार्रवाई करते हुए रामदेव लोहरा समेत उसके तीन साथियों को दबोच लिया।
कौन-कौन हुआ गिरफ्तार?
रामदेव लोहरा उर्फ रामदेव उरांव — पांच लाख रुपये का इनामी सब-जोनल कमांडर
अरविंद नायक — JJMP का एरिया कमांडर
मुनेश्वर सिंह — संगठन से जुड़ा सक्रिय सदस्य
जितेन्द्र लोहरा — JJMP का सक्रिय सदस्य
पुलिस ने बताया कि चारों अलग-अलग इलाकों से जुड़े हुए हैं। इनके आपराधिक और उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
AK-56 समेत कई हथियार बरामद
गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के पास से हथियारों और अन्य सामान की बरामदगी की। पुलिस के अनुसार बरामद सामान में AK-56 राइफल, SLR राइफल, सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, मैगजीन, वॉकी-टॉकी और आठ मोबाइल फोन शामिल हैं। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उग्रवादियों के पास ये हथियार कहां से पहुंचे और इनका इस्तेमाल किन वारदातों में किया गया था।
संगठन के नेटवर्क की खंगाली जा रही कुंडली
चारों आरोपितों से पूछताछ के आधार पर पुलिस JJMP के स्थानीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में लगी हैं कि गिरफ्तार उग्रवादियों के संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और इलाके में संगठन की गतिविधियों को संचालित करने में उनकी क्या भूमिका थी।
पुलिस की इस कार्रवाई को झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की अहम सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार उग्रवादियों से पूछताछ के बाद अभियान को आगे बढ़ाते हुए संगठन से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।