
पलामू/लातेहार : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पलामू और लातेहार जिले के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। एक ओर छतरपुर-पंडू मुख्य मार्ग पर चतरधारी नदी का जर्जर पुल हादसे को न्योता दे रहा है, तो दूसरी ओर बरवाडीह में भारी बारिश के कारण गरीब परिवार का मिट्टी-खपरैल मकान भरभराकर गिर गया। दोनों घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और आपदा के दौरान प्रशासनिक राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चतरधारी नदी का पुल जर्जर, आवागमन पर संकट
छतरपुर से पंडू जाने वाली मुख्य सड़क पर खजुरी गांव के पास स्थित चतरधारी नदी का पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि दोनों ओर की रेलिंग भी टूट चुकी है। बारिश के कारण पुल की स्थिति और ज्यादा खराब होने की बात ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों जुगेश कुमार शर्मा, भीमलेश कुमार चंद्रवंशी, धीरज कुमार विश्वकर्मा, राजबली रजक, चंदन साव और मिथु सिंह समेत अन्य लोगों का कहना है कि पुल काफी पुराना है और लंबे समय से इसकी समुचित मरम्मत नहीं हुई है। ऐसे में लगातार बारिश ने इसकी स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
10 से 15 किलोमीटर घूमकर जाने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क छतरपुर और पंडू प्रखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। प्रतिदिन इस रास्ते से स्कूली बच्चे, किसान, मजदूर और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों को वैकल्पिक रास्ते से करीब 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
सबसे ज्यादा खतरा रात के समय बना रहता है। अंधेरे में पुल पर बने गड्ढे और टूटी रेलिंग दिखाई नहीं देने के कारण कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।
बरवाडीह में बारिश ने छीना गरीब परिवार का आशियाना
उधर, लातेहार के बरवाडीह क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच खुरा पंचायत के चमरडीहा निवासी ममता देवी, पति मनोज कुमार अग्रवाल का मिट्टी-खपरैल मकान सोमवार रात अचानक ध्वस्त हो गया। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
बताया गया कि परिवार लंबे समय से इसी मकान में रह रहा था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार पक्का मकान बनाने में सक्षम नहीं है। बारिश के बीच आशियाना ढह जाने से परिवार के सामने भोजन, रहने और सुरक्षित ठिकाने की चिंता पैदा हो गई है।
मौके पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि दीपक राज
घटना की जानकारी मिलने पर सांसद प्रतिनिधि सह बरवाडीह व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज मौके पर पहुंचे और ध्वस्त मकान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उनकी स्थिति पर चिंता जताई।
दीपक राज ने परिजनों को बताया कि प्राकृतिक आपदा में मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से नियमानुसार क्षतिपूर्ति और मुआवजा मिलने का प्रावधान है। इसके लिए घटना से संबंधित फोटो और आवेदन बरवाडीह अंचल कार्यालय में जमा करना होगा। इसके बाद अंचल प्रशासन की टीम स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजेगी।
प्रशासन से तत्काल राहत और कार्रवाई की मांग
पीड़ित ममता देवी और उनके परिजनों ने जिला एवं प्रखंड प्रशासन से जल्द स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी बारिश के इस मौसम में परिवार को तत्काल राहत देने की अपील की है।
वहीं, छतरपुर-पंडू मार्ग के ग्रामीणों ने चतरधारी नदी के पुल का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की स्थिति को देखते हुए यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
लगातार बारिश के बीच एक तरफ जर्जर पुल लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है, तो दूसरी तरफ गरीब परिवार का घर गिरने से उसका पूरा जीवन संकट में आ गया है। अब लोगों की नजर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर टिकी है।