
रांची : झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने के बीच मौसम विभाग ने बुधवार, 2 सितंबर को पांच जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा को येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की आशंका है, जबकि राजधानी रांची सहित राज्य के दूसरे हिस्सों में भी बादल छाए रहने और रुक-रुककर वर्षा होने का अनुमान है।
इन पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार और लोहरदगा में 64.5 मिलीमीटर से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम संबंधी मानचित्र में इन जिलों को भारी वर्षा की आशंका वाले क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। राज्य के शेष जिलों के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, स्थानीय मौसम में अचानक बदलाव के कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लोगों को बादलों की गरज और तेज वर्षा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रांची में बादलों के बीच बदलेगा तापमान
राजधानी रांची में बुधवार को अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 3 और 4 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा 5 सितंबर को 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बादल और बारिश के कारण लोगों को दिन में गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस महसूस होने की संभावना बनी रहेगी।
पलामू और गढ़वा में पारा 30 डिग्री के आसपास
पलामू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले दिन अधिकतम पारा 31 डिग्री तक पहुंच सकता है। गढ़वा में भी तापमान 30 डिग्री के आसपास रहने और बाद में 31 डिग्री तक बढ़ने की संभावना जताई गई है। लातेहार में अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री रह सकता है। वहीं, लोहरदगा में अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।
बारिश के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत
भारी बारिश वाले इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर फिसलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका रह सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने, नदी-नालों से दूरी बनाने और मौसम विभाग की ताजा सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।