
रांची : झारखंड में पुलिस महकमे से जुड़ा एक बड़ा आंदोलन सामने आया है। विधायक जयराम कुमार महतो की गिरफ्तारी समेत अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन के मुताबिक, आंदोलन में सिपाही से लेकर डीएसपी संवर्ग तक के करीब 80 हजार पुलिसकर्मियों का समर्थन है।
जयराम महतो की गिरफ्तारी को लेकर बढ़ा विवाद
एसोसिएशन का आरोप है कि धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में विधायक जयराम कुमार महतो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। एसोसिएशन के अनुसार, मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र देकर अपनी मांगों और प्रस्तावित आंदोलन की पूरी रूपरेखा भी साझा की है। संगठन का कहना है कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
8 सितंबर से शुरू होगा पहला चरण
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अनुसार, आंदोलन का पहला चरण 8 सितंबर से 11 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान राज्य के सभी कनीय पुलिस पदाधिकारी काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करेंगे।
इसके बाद आंदोलन दूसरे चरण में प्रवेश करेगा। 19 सितंबर को सभी पुलिस केंद्र, थाना और ओपी में चूल्हा-चौकी बंद रखने तथा एक दिवसीय सामूहिक उपवास का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
24 सितंबर को जिला स्तर पर धरना
आंदोलन के तीसरे चरण में 24 सितंबर को एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके तहत सभी जिला शाखा और इकाइयां अपने-अपने एसपी एवं कमांडेंट कार्यालय के सामने धरने पर बैठेंगी।
महासंघ स्तर के पदाधिकारी डीजीपी कार्यालय के समक्ष धरना देकर आंदोलन का समापन करेंगे और इसके बाद ज्ञापन सौंपेंगे।
5 से 10 अक्टूबर तक सामूहिक अवकाश
सबसे बड़ा चरण 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इस अवधि में झारखंड के पुलिसकर्मी सामूहिक रूप से अवकाश पर जाने की घोषणा कर चुके हैं। इससे पुलिस व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका को लेकर यह आंदोलन खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नौ सूत्री मांगों में भत्ता और तबादला भी शामिल
एसोसिएशन की मांगों में विधायक जयराम महतो की गिरफ्तारी के अलावा पुलिसकर्मियों की वर्दी भत्ता और राशन भत्ता बढ़ाने, सातवें वेतनमान के अनुरूप विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण, बच्चों के शिक्षा भत्ता और स्वास्थ्य भत्ता देने जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा लंबे समय से एक ही जिले या इकाई में पदस्थापित पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण, समय पर पदोन्नति और पुलिस के साथ अमर्यादित व्यवहार करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान करने की मांग भी उठाई गई है।
डीएसपी संवर्ग के एसोसिएशन ने भी दिया समर्थन
इस आंदोलन को झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन का भी नैतिक और सैद्धांतिक समर्थन मिला है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने धनबाद पुलिस से संबंधित मामले में पेशेवर तरीके से प्राथमिकी की जांच की अपेक्षा जताई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और पुलिस विभाग इस चरणबद्ध आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाते हैं और एसोसिएशन की मांगों पर बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलता है या नहीं।