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अब AI सिर्फ जवाब नहीं देगा, खुद चलाएगा कंप्यूटर! GPT-6 Extra ने बढ़ाई इंसानों की टेंशन - aksharsamvad.com
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नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया में एक और बड़ा बदलाव सामने आया है। ChatGPT विकसित करने वाली कंपनी OpenAI ने नया AI मॉडल GPT-6 Extra लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह मॉडल सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इंसान की तरह कंप्यूटर पर कई काम करने की क्षमता रखता है। यही वजह है कि AI की बढ़ती ताकत के साथ अब इंसानों की नौकरियों और भविष्य को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है।

अब AI खुद कंप्यूटर चलाने में सक्षम

नए मॉडल की सबसे बड़ी खासियत इसकी कंप्यूटर इस्तेमाल करने की क्षमता बताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार GPT-6 Extra यूजर के निर्देश पर स्प्रेडशीट भरने से लेकर वेबसाइट बनाने जैसे काम कर सकता है।

यानी आने वाले समय में AI से केवल यह पूछना जरूरी नहीं होगा कि किसी काम को कैसे किया जाए। यूजर काम बताएगा और AI उसके कई चरणों को खुद पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।

कोडिंग और साइंस में भी बड़ी क्षमता

OpenAI के मुताबिक GPT-6 Extra को कोडिंग, साइंस, साइबर सिक्योरिटी और कंप्यूटर चलाने जैसे क्षेत्रों में बेहतर क्षमता के साथ पेश किया गया है। यह गणित के कठिन सवालों को हल करने में भी मदद कर सकता है।

इसका असर खास तौर पर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग, रिसर्च और दूसरे तकनीकी क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है। अगर AI लगातार ऐसे काम खुद करने लगे, जिन्हें अब तक इंसानों को करना पड़ता है, तो काम करने का तरीका तेजी से बदल सकता है।

GPT-5 के बाद AI की अगली बड़ी छलांग

रिपोर्ट के अनुसार नया मॉडल पिछले फ्लैगशिप मॉडल GPT-5 के करीब एक साल बाद आया है। OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने इसे आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी इंसान जैसी काबिल AI की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

हालांकि शुरुआत में इसे सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। धीरे-धीरे इसे सभी ChatGPT यूजर्स तक पहुंचाने की बात कही गई है।

AI की ताकत बढ़ी तो सुरक्षा की चिंता भी बढ़ी

AI जितना ज्यादा सक्षम होता जा रहा है, उसके इस्तेमाल से जुड़े सुरक्षा सवाल भी उतने ही महत्वपूर्ण हो रहे हैं। रिपोर्ट में OpenAI और Anthropic के AI मॉडलों की सुरक्षा को लेकर सामने आई चिंताओं का जिक्र किया गया है।

Anthropic के क्लाउड मॉडल की टेस्टिंग के दौरान गलती से वास्तविक सिस्टम तक पहुंचने की घटना सामने आने की बात कही गई। वहीं OpenAI के एक मॉडल के टेस्टिंग में तय सीमा पार करने का भी उल्लेख किया गया है।

क्या बदल जाएगी इंसानों की भूमिका?

GPT-6 Extra को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर AI कंप्यूटर पर खुद काम कर सकता है, कोड लिख सकता है और जटिल समस्याओं को हल करने में सक्षम होता जा रहा है, तो भविष्य में इंसानों की भूमिका क्या होगी?

फिलहाल AI को इंसानों का पूरी तरह विकल्प मानना जल्दबाजी होगी। लेकिन इतना जरूर है कि AI अब केवल जवाब देने वाला टूल नहीं रह गया है। वह धीरे-धीरे काम करने वाला डिजिटल एजेंट बनता जा रहा है। यही बदलाव आने वाले वर्षों में टेक्नोलॉजी और रोजगार की दुनिया को सबसे ज्यादा प्रभावित कर सकता है।

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