
आदित्यपुर/जमशेदपुर : आरआईटी थाना क्षेत्र के आसंगी चेकडैम में रविवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। खरकई नदी के तेज बहाव में नहाने उतरे दो 18 वर्षीय युवक बह गए। दोनों युवक एक ही बाइक से चेकडैम पहुंचे थे। नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और बहाव भी काफी तेज था। हादसे के बाद देर शाम तक दोनों की तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका।
गहरे पानी में बिगड़ा संतुलन, तेज धारा में बहे
लापता युवकों की पहचान मीरूडीह निवासी शुभम शर्मा (18) और बंतानगर (धोबोडुंगरी) निवासी सोनू लोहार (18) के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों नहाने के लिए नदी में उतरे थे। गहरे पानी में पहुंचते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तेज धारा की चपेट में आ गए।
घटना की सूचना मिलते ही आरआईटी थाना प्रभारी रविकांत पराशर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों युवकों की तलाश शुरू कराई गई।
तेज बहाव के बीच घंटों चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने नदी के संभावित स्थानों पर काफी देर तक तलाशी अभियान चलाया। लेकिन खरकई नदी के तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अंधेरा बढ़ने के बाद अभियान रोकना पड़ा। सोमवार को फिर से तलाश अभियान चलाया जाएगा।
विशेषज्ञ ने बताया- पथरीली नदी में हर कदम पर खतरा
विशेषज्ञ गोताखोर मजहरूल बारी के अनुसार आसंगी की नदी बेहद पथरीली और खतरनाक है। कई स्थानों पर किनारे से कुछ ही दूरी पर 12 से 15 फीट तक गहराई है। दो बड़े पत्थरों के बीच बनी गहराई में फंसने पर व्यक्ति घबरा सकता है। नदी के अंदर मौजूद पत्थर चिकने होने के कारण पैर फिसलने का खतरा भी बना रहता है।
उन्होंने कहा कि तैरना नहीं जानने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र बेहद खतरनाक है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित कर बैरिकेडिंग की जरूरत है।
पहाड़भांगा नदी में भी टेल्को के युवक की डूबने से मौत
पोटका के पहाड़भांगा पिकनिक स्पॉट पर रविवार दोपहर एक और हादसा हुआ। जमशेदपुर के टेल्को आजाद बस्ती निवासी 20 वर्षीय राजू सिंह नदी में नहाने के दौरान डूब गया। वह पांच दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने पहुंचा था।
नहाने के दौरान राजू गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसे बचाने के दौरान उसके साथी मुकेश सिंह ने भी नियंत्रण खो दिया, लेकिन वह किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहा।
लगातार नदी हादसों ने फिर उठाए सुरक्षा पर सवाल
आसंगी चेकडैम और पहाड़भांगा में हुए हादसों ने पिकनिक स्पॉट और नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्डों की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के दौरान लोगों के नदी में उतरने पर रोक के बावजूद ऐसे हादसे चिंता बढ़ा रहे हैं।