
सिद्धार्थनगर : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में ई-रिक्शा चालक की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, व्यक्ति की पत्नी ने कथित प्रेमी और उसके दो साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। मामले में पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की पहचान माया देवी, इरशाद, नियाज अहमद और अब्दुल्ला के रूप में हुई है।
ई-रिक्शा में मिला था खून, चालक था लापता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 30 अगस्त की देर रात ढेबरुआ थाना क्षेत्र के मुंहचोरवा पुल के पास एक लावारिस ई-रिक्शा मिला था। वाहन में खून के निशान दिखाई देने के बाद मामला संदिग्ध माना गया। जांच में पता चला कि ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र अपने घर नहीं पहुंचा था और उसका कोई सुराग भी नहीं मिल रहा था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर सोनबरसा गांव के पास नदी में उसका शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत को हत्या बताया गया, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पूछताछ में सामने आया कथित संबंध
पुलिस का दावा है कि छानबीन के दौरान मृतक की पत्नी माया देवी और नियाज अहमद के बीच कथित संबंध की जानकारी मिली। बताया गया कि नियाज माया के खर्च भी उठाता था। दूसरी ओर, हरिश्चंद्र के शराब पीकर पत्नी से अक्सर विवाद और मारपीट करने की बात भी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, पत्नी अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए कई महीनों से नियाज पर दबाव बना रही थी। इसके बाद नियाज ने इरशाद और अब्दुल्ला को कथित रूप से 1.10 लाख रुपये देने की बात तय की। पुलिस का कहना है कि दोनों को 60 हजार रुपये अग्रिम भी दिए गए थे।
सवारी बनकर बैठे, फिर रास्ते में वारदात
जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि योजना के तहत इरशाद और अब्दुल्ला ई-रिक्शा में सवारी बनकर बैठे। मुंहचोरवा पुल के पास चालक की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया। वारदात के बाद नियाज दोनों को बढ़नी रेलवे स्टेशन लेकर गया, जहां से वे कुछ दिनों के लिए बाहर चले गए।
संयुक्त टीम ने चारों को दबोचा
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के अनुसार, ढेबरुआ थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। तीन आरोपियों को दुबधवनिया गांव के पास से पकड़ा गया, जबकि पत्नी को भी मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में होगा।