
रांची : रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के हाथों में है। इसी मामले में NIA की रांची शाखा ने बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में बड़ी छापेमारी की। जांच एजेंसी ने संदिग्ध संदीप गुप्ता से जुड़े दो फ्लैटों की तलाशी ली है।
संदीप गुप्ता के ठिकानों पर पहुंची NIA
NIA ने पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित कुसुम इंफिनिटी अपार्टमेंट के दो फ्लैटों में तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई संदिग्ध संदीप गुप्ता की निशानदेही पर की गई। छापेमारी में स्थानीय पुलिस ने भी NIA का सहयोग किया।
जांच एजेंसी को संदेह है कि संदीप ने कथित तौर पर एक आपराधिक गिरोह को वित्तीय मदद पहुंचाई थी। इसी दिशा में उसके बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है। बताया गया है कि वह पहले भी गबन के एक मामले में जेल जा चुका है।
दुबई से पाकिस्तान तक कनेक्शन की जांच
जांच में संदीप गुप्ता की दुबई यात्रा की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आने की बात कही गई है। पूछताछ में उसके दुबई में पाकिस्तान के कुछ संदिग्धों से मुलाकात करने का भी दावा सामने आया है।
जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन संपर्कों का RSS कार्यालय पर हुए हमले से कोई संबंध था या नहीं। आतंकी फंडिंग, आतंकी संगठनों से संपर्क और सांप्रदायिक तनाव भड़काने की साजिश समेत कई पहलुओं पर जांच आगे बढ़ रही है।
16 जून की रात हुआ था पेट्रोल बम हमला
RSS कार्यालय पर हमला 16 जून की रात हुआ था। बाइक से पहुंचे दो हमलावरों ने कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका था। उस समय कार्यालय में करीब 20 लोग मौजूद थे। हालांकि हमले में किसी को नुकसान नहीं पहुंचा।
धमाके की आवाज सुनकर लोग बाहर निकले, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। इसके बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों में लोहरदगा निवासी सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान शामिल थे। एक आरोपी सैफ पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में मुठभेड़ के दौरान घायल भी हुआ था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA ने संभाली जांच
RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NIA ने जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद चुटिया थाने में दर्ज केस को टेकओवर किया गया।
अब तक की जांच में एजेंसी कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पैसे का स्रोत, संदिग्धों के आपसी संपर्क, विदेश यात्राएं और कथित विदेशी संपर्क जांच के प्रमुख बिंदु बने हुए हैं।
हालांकि, जांच पूरी होने तक किसी भी संदिग्ध के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।