
जमशेदपुर : टाटानगर और पूरे कोल्हान के लिए रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बुधवार को रेलवे की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी दे दी। इनमें दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के तहत बनने वाली खड़गपुर-बागडीह (झारसुगुड़ा) चौथी रेल लाइन भी शामिल है। परियोजना की कुल लंबाई 367 किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर करीब 6,528 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
टाटानगर से खड़गपुर और बागडीह तक बढ़ेगी रेल क्षमता
खड़गपुर-बागडीह रेल परियोजना की लंबाई 367 किलोमीटर है। इसमें खड़गपुर से टाटानगर तक 133.8 किलोमीटर और टाटानगर से बागडीह तक 243.5 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। चौथी लाइन बनने से इस महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर पर ट्रेनों की आवाजाही के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
इसका सीधा असर टाटानगर स्टेशन और आसपास के रेल नेटवर्क पर भी पड़ने की उम्मीद है। यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी।
कोयला, स्टील और अन्य माल की ढुलाई होगी आसान
यह रेल कॉरिडोर औद्योगिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने वाला यह मार्ग कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क और स्टील जैसे सामान की ढुलाई में अहम भूमिका निभाता है।
रेलवे के अनुसार अतिरिक्त लाइन बनने से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे सड़क परिवहन पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
6 राज्यों के 14 जिलों से गुजरेगी 656 किमी की परियोजनाएं
केंद्र सरकार ने कुल तीन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनकी कुल लंबाई 656 किलोमीटर और अनुमानित लागत करीब 10,783 करोड़ रुपये है। परियोजनाओं को वित्त वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन परियोजनाओं से झारखंड समेत छह राज्यों के 14 जिलों में रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
झारखंड को रेलवे बजट में भी रिकॉर्ड आवंटन
खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट में झारखंड को रेलवे विकास के लिए 7,536 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिला है। राज्य में करीब 63,470 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाएं फिलहाल प्रगति पर बताई गई हैं।
इसके अलावा धनबाद-गिरिडीह और कोडरमा से तिलैया रेललाइन, 57 रेलवे स्टेशनों पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री सुविधाओं का विकास और अन्य परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है।
टाटानगर की कनेक्टिविटी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के लिहाज से खड़गपुर-बागडीह चौथी लाइन की मंजूरी को दक्षिण पूर्व रेलवे क्षेत्र के लिए अहम कदम माना जा रहा है।