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AI का खतरनाक इस्तेमाल! हूती समूह ने ‘Claude’ से मांगी सैन्य तकनीक में मदद, रिपोर्ट में बड़ा दावा - aksharsamvad.com
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सैन्य तकनीक में AI के कथित दुरुपयोग की रिपोर्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा व्यवस्था पर नए सवाल खड़े किए हैं।

नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि यमन से जुड़े एक संदिग्ध समूह ने उसके AI मॉडल ‘Claude’ का उपयोग सैन्य उपकरणों और गाइडेड रॉकेट से संबंधित सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए किया। कंपनी के अनुसार, समूह ने AI की मदद से कोडिंग, शोध, नियंत्रण प्रणाली और तकनीकी समीक्षा जैसे काम कराने का प्रयास किया। हालांकि, संबंधित समूह द्वारा किसी हथियार को सफलतापूर्वक तैयार या इस्तेमाल किए जाने का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।

छह संदिग्ध अभियानों की हुई पहचान

एंथ्रोपिक ने बताया कि उसने चीन, रूस और यमन से संबंधित छह संदिग्ध अभियानों को रोका है। इन मामलों में Claude का इस्तेमाल पारंपरिक उपकरणों की तकनीकी जानकारी जुटाने, प्रतिबंधित सामान की खरीद से जुड़ी सहायता लेने और सैन्य सॉफ्टवेयर विकसित करने के प्रयासों में किया गया था। कंपनी के मुताबिक, यमन में सक्रिय समूह लंबी दूरी से जुड़े कुछ कार्यक्रमों पर काम कर रहा था। इसके अलावा उड़ने वाले वाहनों की नेविगेशन, नियंत्रण और स्थिति का अनुमान लगाने वाले सॉफ्टवेयर के विकास में भी AI की मदद लेने की कोशिश की गई।

अलग-अलग कामों के लिए कई AI सेशन

रिपोर्ट में कहा गया कि संदिग्ध उपयोगकर्ताओं ने Claude के कई अलग-अलग सेशन शुरू किए। किसी सेशन का उपयोग सामान्य कोडिंग में, किसी का शोध के लिए और किसी अन्य का पहले तैयार किए गए कोड की समीक्षा के लिए किया गया। गतिविधियों को छोटे हिस्सों में बांटने के कारण पूरे प्रोजेक्ट का वास्तविक उद्देश्य तुरंत पकड़ना कठिन हो गया। एंथ्रोपिक का कहना है कि उपयोगकर्ताओं ने कई बार AI के सुरक्षा नियमों को दरकिनार करने की भी कोशिश की। कंपनी के सुरक्षा तंत्र ने अनेक अनुरोधों को रोक दिया, लेकिन हर संदिग्ध गतिविधि की शुरुआत में पहचान नहीं हो सकी।

परीक्षण सफल होने का नहीं मिला प्रमाण

कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके पास ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि AI की सहायता से कोई सक्रिय सैन्य प्रणाली सफलतापूर्वक तैयार की गई। रिपोर्ट में एक निर्देशित रॉकेट के परीक्षण का उल्लेख किया गया है, लेकिन बताया गया कि वह परीक्षण सफल नहीं रहा। इसके बाद संदिग्ध उपयोगकर्ता संभावित गड़बड़ी समझने के लिए दोबारा AI प्लेटफॉर्म पर लौटे।

AI कंपनियों के सामने बढ़ी चुनौती

यह मामला बताता है कि उपयोगी AI तकनीक का गलत उद्देश्य से इस्तेमाल रोकना कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सामान्य शोध और कोडिंग जैसे दिखने वाले अलग-अलग सवालों को जोड़कर संवेदनशील गतिविधियां की जा सकती हैं। एंथ्रोपिक ने संबंधित खातों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी ने इस मामले की जानकारी सरकारी एजेंसियों तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सुरक्षा भागीदारों के साथ साझा करने की बात भी कही है।

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