
सरायकेला : चांडिल डैम के कारण विस्थापन का सामना कर रहे परिवारों की समस्याओं और मांगों को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से आयोजित विस्थापित समन्वय मंच की गांव-गांव संवाद यात्रा नीमडीह प्रखंड की गुंडा पंचायत स्थित सीमा गांव में संपन्न हुई। दो चरणों में चली इस यात्रा के माध्यम से मंच के प्रतिनिधियों ने कुल 116 विस्थापित गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों तक पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।
दो चरणों में पूरी हुई व्यापक यात्रा
संवाद यात्रा का पहला चरण 25 से 27 अगस्त तक आयोजित किया गया था, जबकि दूसरे चरण के तहत 7 से 12 सितंबर तक विभिन्न गांवों एवं पुनर्वास क्षेत्रों का दौरा किया गया। इस दौरान मंच के सदस्यों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान को लेकर सुझाव भी एकत्र किए। यात्रा का उद्देश्य विस्थापित परिवारों की आवाज को संगठित करते हुए उनके अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा देना रहा।
जमीन, मुआवजा और रोजगार के मुद्दे उठे
ग्रामीणों ने संवाद के दौरान भूमि अधिग्रहण, लंबित मुआवजा, पुनर्वास की अव्यवस्था, रोजगार के अभाव और बुनियादी विकास से जुड़ी कई समस्याएं मंच के सामने रखीं। विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने बताया कि विस्थापन के वर्षों बाद भी उनकी अनेक मांगों का समाधान नहीं हो पाया है। मंच ने सभी शिकायतों और सुझावों को संकलित कर संबंधित स्तर पर उठाने का भरोसा दिलाया।
सीमा गांव में जुटे सैकड़ों ग्रामीण
समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों और ग्रामीणों ने भाग लिया। मंच के सदस्य राकेश रंजन महतो ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उनके अनुसार यह संवाद यात्रा केवल गांवों का दौरा नहीं थी, बल्कि सामूहिक आंदोलन की भावी दिशा निर्धारित करने की महत्वपूर्ण पहल है। अंबिका यादव ने लोगों से एकजुट और संगठित रहने की अपील करते हुए कहा कि विस्थापितों की सबसे बड़ी ताकत उनकी एकता है। श्यामल मार्डी ने कहा कि प्रत्येक गांव के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभानी होगी और मंच उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
अब तैयार होगी आंदोलन की अगली रणनीति
नारायण गोप ने कहा कि 116 गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों की आवाज अब एक साझा मंच से उठेगी। यही एकजुटता आगामी आंदोलन को मजबूती प्रदान करेगी। मंच के अनुसार संवाद यात्रा के दौरान मिले सुझावों और समस्याओं की विस्तृत सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की रणनीति और कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में अनुपम महतो, शिवचरण महतो, गणेश मंडल, सुशेन महतो, अंजना दास, पार्वती महतो सहित मंच के सदस्य और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।