
जमशेदपुर : जुगसलाई थाना क्षेत्र में पुलिस ने हथियार के साथ जुटे पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। इनके पास से एक देशी पिस्टल, मैगजीन में लोड दो जिंदा 7.65 एमएम के कारतूस बरामद किए गए हैं। घटनास्थल से इसी बोर का एक खोखा भी मिलने की बात पुलिस ने कही है।
गोलपहाड़ स्कूल के पास जुटे थे आरोपी
पुलिस को सूचना मिली थी कि आर्म्स एक्ट और फायरिंग के मामलों में पूर्व से आरोपी सैफ अली उर्फ राज बच्चा अपने साथियों के साथ हथियार लेकर मिल्लत नगर स्थित गोलपहाड़ स्कूल के पास जमा हुआ है। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देश और डीएसपी विधि-व्यवस्था सुमित कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके पर छापेमारी की और पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
पांच युवकों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में सैफ अली उर्फ राज बच्चा, मो. रेहान गद्दी उर्फ जिया, मो. शहनवाज उर्फ बिगड़ू, मो. शहजादा आलम उर्फ साहिल और मो. नसीम अंसारी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सैफ अली के पास से देशी पिस्टल और 7.65 एमएम के दो जिंदा कारतूस मिले। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया है।
पहले भी जताया गया था जान का खतरा
पुलिस के अनुसार, 9 अगस्त को सैयद रिजवान करीम ने जुगसलाई थाना में आवेदन देकर सैफ अली से खुद और अपने परिवार को खतरा होने की आशंका जताई थी। पुलिस इस आवेदन को भी जांच में शामिल कर रही है।
हमले की तैयारी का पुलिस ने किया दावा
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि 26 अगस्त को ईद मिलाद-उन-नबी के दिन सैफ अली अपने सहयोगियों के साथ किसी परिवार को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था।
जांच में हथियार के साथ वीडियो बनाए जाने और शहजादा आलम द्वारा छत पर एक राउंड फायरिंग किए जाने की बात भी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
मुख्य आरोपी पर 18 आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी सैफ अली उर्फ राज बच्चा के खिलाफ जुगसलाई, परसुडीह, कदमा और बागबेड़ा थाना में कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट, रंगदारी, लूट, आगजनी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं।
पुलिस ने शहनवाज और शहजादा आलम के खिलाफ भी अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है।
हथियार कहां से आया, पुलिस कर रही जांच
पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हथियार के स्रोत और कथित साजिश में अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर किसे निशाना बनाया जाना था और आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति भी इस योजना में शामिल था या नहीं।
पुलिस के आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में होगी।