
नागोया : एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले ही खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जापान के नागोया में पहुंचे कुछ भारतीय खिलाड़ियों को कथित तौर पर दो व्यक्तियों के लिए निर्धारित कमरे में तीन सदस्यों के साथ रहना पड़ रहा है। सीमित जगह और उपलब्ध सुविधाओं के कारण खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेजबान जापान के कुछ खिलाड़ियों ने भी आवास व्यवस्था को लेकर वैकल्पिक स्थान तलाशना शुरू कर दिया है।
क्रूज जहाज में ठहरे हैं भारतीय खिलाड़ी
भारतीय खिलाड़ियों के एक दल को बहुचर्चित ‘कोस्टा सेरेना’ क्रूज जहाज में ठहराया गया है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उद्घाटन समारोह से लगभग दो दिन पहले ही कमरे आवंटित करने की प्रक्रिया में कई समस्याएं सामने आने लगीं। कुछ कमरे मूल रूप से दो लोगों के लिए तैयार किए गए थे, लेकिन उनमें तीन खिलाड़ियों को रखा गया है।खिलाड़ियों का कहना है कि कमरे पहले से छोटे हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त व्यक्ति और उसके सामान के कारण जगह काफी कम हो गई है। हालांकि भारतीय दल के सदस्यों ने अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है और उपलब्ध परिस्थितियों में स्वयं को ढालने का प्रयास कर रहे हैं।
खिलाड़ियों के साथ अधिकारियों को भी परेशानी
रिपोर्टों के अनुसार, परेशानी केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। भारतीय दल के कुछ अधिकारियों से अपने ठहरने की व्यवस्था स्वयं करने के लिए कहा गया है। वहीं रोइंग टीम से जुड़े सहयोगी स्टाफ के दो सदस्यों को क्रूज जहाज पर जगह नहीं मिलने के कारण बाहर ठहरना पड़ा। आवास आवंटन से जुड़े कुछ मामलों में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को साझा कमरा दिए जाने की बात भी सामने आई है। जापान के उप मिशन प्रमुख हिसाशी मिजुतोरी ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में संख्या के आधार पर कमरे आवंटित करने से व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हुई हैं।
कागज पर सही, लेकिन जमीन पर मुश्किल व्यवस्था
आयोजकों के अनुसार, कमरे खिलाड़ियों की संख्या को ध्यान में रखकर बांटे गए हैं। इसके बावजूद छोटे कमरों में अतिरिक्त खिलाड़ी, प्रशिक्षक या चिकित्सा उपकरण रखने से असुविधा बढ़ रही है। करीब 300 मीटर लंबे क्रूज जहाज में लगभग 1,500 केबिन बताए जा रहे हैं, फिर भी सभी दलों की जरूरतों के अनुरूप जगह उपलब्ध कराना चुनौती बना हुआ है।
बेहतर समाधान का इंतजार
भारतीय दल के एक सदस्य ने पहचान सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि खिलाड़ी बड़ी प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन आवास संबंधी परेशानियां उनकी तैयारियों पर असर डाल सकती हैं। फिलहाल खिलाड़ी औपचारिक विरोध करने के बजाय परिस्थिति के अनुसार समायोजन कर रहे हैं। अब नजर आयोजकों पर है कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले इन समस्याओं का समाधान कैसे किया जाता है।