
नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने की योजना बना रहे विदेशी विद्यार्थियों के लिए वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत अधिकतर अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ाई के दौरान अपने जीवनसाथी और बच्चों को साथ नहीं ले जा सकेंगे। सरकार का उद्देश्य बढ़ती प्रवासी संख्या को नियंत्रित करना और छात्र वीजा व्यवस्था में हो रहे कथित दुरुपयोग को रोकना बताया जा रहा है।
माइग्रेशन घटाने पर सरकार का जोर
ऑस्ट्रेलिया में पिछले कुछ वर्षों के दौरान प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसका प्रभाव आवास, रोजगार और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ने की चर्चा होती रही है। इसी कारण सरकार विदेशी विद्यार्थियों और वर्किंग हॉलिडे वीजा से संबंधित नियमों को कड़ा करने की तैयारी में है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार वर्ष 2028 तक वार्षिक माइग्रेशन को लगभग 3 लाख से घटाकर करीब 2.25 लाख तक लाना चाहती है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए छात्र वीजा आवेदनों की जांच और सख्त की जा सकती है।
किन विद्यार्थियों को मिल सकती है छूट?
नए नियमों में सभी अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों पर एक समान प्रतिबंध लागू नहीं होने की संभावना है। उच्च स्तर की पढ़ाई या विशेष योग्यता वाले कुछ विद्यार्थियों को अपने जीवनसाथी और बच्चों को साथ लाने की अनुमति मिल सकती है। वहीं, सामान्य छात्र वीजा पर आने वाले अधिकतर विद्यार्थियों के आश्रितों को अनुमति मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। पैसिफिक द्वीपीय देशों और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ विद्यार्थियों के लिए अलग व्यवस्था या सीमित छूट रखी जा सकती है। हालांकि, अंतिम नियमों की आधिकारिक और विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
अस्थायी और स्थायी वीजा पर नई व्यवस्था
रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में अस्थायी रूप से पढ़ाई या काम करने के इच्छुक लोगों को संबंधित अस्थायी वीजा के लिए आवेदन करना होगा। स्थायी रूप से बसने की इच्छा रखने वालों के लिए स्थायी वीजा की निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन लोगों के पास वैध वीजा नहीं होगा, उन्हें देश छोड़ना पड़ सकता है। बैकपैकर्स के लिए भी एक नई बैलेट प्रणाली शुरू किए जाने की बात सामने आई है। इसके अतिरिक्त वीजा शर्तों की निगरानी के लिए करीब 100 अतिरिक्त अनुपालन अधिकारियों की नियुक्ति की जा सकती है।
भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है असर
ऑस्ट्रेलिया भारतीय विद्यार्थियों के पसंदीदा शैक्षणिक स्थलों में शामिल है। ऐसे में आश्रितों से संबंधित नियम कड़े होने पर विवाहित भारतीय छात्रों के निर्णय, बजट और विदेश में रहने की योजना प्रभावित हो सकती है। आवेदन करने से पहले विद्यार्थियों को ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट से ताजा नियम अवश्य जांचने चाहिए।