
रांची : सीआरपीएफ के रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की इंटरनल ऑडिट पार्टी के वरीय लेखापाल सोनू कुमार को सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सीबीआइ की रांची स्थित एसीबी टीम ने पटना में कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपित को पूछताछ के लिए रांची लाया गया है।
जमशेदपुर के हवलदार से मांगे थे 50 हजार
सीबीआइ के अनुसार, जमशेदपुर के 106 रैफ में तैनात हवलदार राकेश कुमार सिंह ने लेखापाल सोनू कुमार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, रैफ में चल रही इंटरनल ऑडिट के दौरान हवलदार के एचआरए में 1,99,680 रुपये की कथित अतिरिक्त भुगतान राशि सामने आई थी।
आरोप है कि सोनू कुमार ने हवलदार से कहा कि इस राशि की वसूली की जानी है। उसने भरोसा दिलाया कि यदि 50 हजार रुपये दिए जाएं तो वह आडिट में अतिरिक्त एचआरए भुगतान की वसूली का उल्लेख नहीं करेगा और हवलदार को रकम लौटाने से बचा देगा।
शिकायत पर सीबीआइ ने किया सत्यापन
हवलदार राकेश कुमार सिंह ने इसकी शिकायत सीबीआइ की रांची स्थित भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआइ के दारोगा विमल सिंह ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई।
इसके बाद सीबीआइ ने आरोपित को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। पटना में सोनू कुमार जब हवलदार से 14 हजार रुपये रिश्वत ले रहा था, उसी समय पहले से मौजूद सीबीआइ टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
16 सितंबर को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
सीबीआइ ने हवलदार की शिकायत के आधार पर 16 सितंबर को सोनू कुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की थी। कार्रवाई के बाद सीबीआइ टीम आरोपित को रांची लेकर आई। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
हवलदार राकेश कुमार सिंह आदित्यपुर के बागानपारा, गम्हरिया स्थित पूजा कुंज में रहते हैं। मामला पटना में सामने आया, लेकिन रिश्वत की मांग और कथित एचआरए भुगतान से जुड़ा पूरा प्रकरण जमशेदपुर स्थित 106 रैफ की इंटरनल ऑडिट से संबंधित है।