
नई दिल्ली : आर्फिशियल इंटेलिजेंस की तेजी से बढ़ती क्षमता ने दुनियाभर में नई बहस छेड़ दी है। एक ओर AI को शिक्षा, स्वास्थ्य, कारोबार और वैज्ञानिक खोजों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ विशेषज्ञ इसके अनियंत्रित विकास को लेकर चिंता जता रहे हैं। इस बीच Nvidia के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेन्सेन हुआंग ने AI के कारण दुनिया समाप्त होने की आशंका को खारिज किया है।
AI से दुनिया खत्म होने की संभावना ‘शून्य’
एक साक्षात्कार के दौरान जेन्सेन हुआंग ने कहा कि वर्ष 2030 तक AI के कारण दुनिया खत्म होने की कोई संभावना नहीं है। उनके मुताबिक इस तरह की आशंका को शून्य प्रतिशत माना जाना चाहिए। हुआंग का मानना है कि AI को सुरक्षित तरीके से संभाला और विकसित किया जा सकता है। उन्होंने इस तकनीक पर नई पाबंदियां लगाने के बजाय इसके विकास को जिम्मेदारी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
सुरक्षा से समझौता नहीं करने की सलाह
हुआंग ने AI के प्रति सकारात्मक नजरिया रखने के साथ सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कंपनियों को अधूरे या असुरक्षित उत्पाद बाजार में उतारने से बचना चाहिए। तकनीक का तेजी से विकास जरूरी है, लेकिन उसके प्रभावों की जांच और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।
अन्य तकनीकी विशेषज्ञ क्यों जता रहे चिंता?
जेन्सेन हुआंग का बयान ऐसे समय आया है, जब तकनीकी जगत के कई प्रमुख लोग AI की तीव्र प्रगति से जुड़े जोखिमों पर सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं। एन्थ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई का कहना है कि अगली पीढ़ी के AI सिस्टम खुद से बेहतर प्रणालियां विकसित करने में मदद कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को ‘रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट’ कहा जाता है। उनका तर्क है कि पर्याप्त नियंत्रण नहीं होने पर ऐसी तकनीक मनुष्यों की निगरानी से बाहर जा सकती है।
OpenAI और Google के प्रमुख भी सतर्क
OpenAI के सैम ऑल्टमैन और Google DeepMind के डेमिस हासाबिस भी AI सुरक्षा, परीक्षण और निगरानी की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI से जुड़े संभावित दुरुपयोग, गलत जानकारी, रोजगार में बदलाव और निर्णय प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे विषयों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
ट्रंप और हुआंग का तकनीकी विकास को समर्थन
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेन्सेन हुआंग AI के तेज विकास का समर्थन कर रहे हैं। दोनों के बीच हाल में फोन पर बातचीत होने का भी उल्लेख किया गया। हुआंग का रुख है कि प्रतिस्पर्धा में आगे बने रहने के लिए तकनीकी प्रगति को रोकने के बजाय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी चाहिए।
बहस अभी जारी
जेन्सेन हुआंग का बयान AI से दुनिया के अंत की आशंका को खारिज करता है, लेकिन तकनीक से जुड़े जोखिमों पर वैश्विक चर्चा अभी समाप्त नहीं हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, AI का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकारें, कंपनियां और शोधकर्ता नवाचार तथा सुरक्षा के बीच कितना प्रभावी संतुलन बना पाते हैं।