
कानपुर : आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र की मृत्यु से जुड़े मामले को लेकर आईआईटी कानपुर फैकल्टी फोरम ने गहरा दुख व्यक्त किया है। फोरम ने घटना से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। साथ ही अपील की गई है कि जांच पूरी होने से पहले किसी छात्र, शिक्षक या अन्य व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से दोषी न ठहराया जाए।
मीडिया ट्रायल से बचने की अपील
आईआईटी कानपुर फैकल्टी फोरम ने कहा कि संवेदनशील मामलों में अपुष्ट जानकारी और अटकलों का प्रसार संबंधित लोगों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए मीडिया और इंटरनेट मीडिया के उपयोगकर्ताओं को संयम तथा जिम्मेदारी के साथ तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए। फोरम के अनुसार, जांच पूरी होने से पहले लगाए गए आरोप छात्रों, परिजनों और शिक्षकों की प्रतिष्ठा को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में केवल जांच एजेंसियों द्वारा सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करना आवश्यक है।
घटना से IIT समुदाय में चिंता
फैकल्टी फोरम के संयोजक एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर पंकज वाही की ओर से जारी बयान में कहा गया कि छात्र की मृत्यु पूरे आईआईटी समुदाय के लिए अत्यंत दुखद है। संस्थानों को विद्यार्थियों के कल्याण और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। फोरम ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संस्थागत स्तर पर उपलब्ध सहायता व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। विद्यार्थियों को समय पर परामर्श और भरोसेमंद सहयोग उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
शिक्षक से जुड़े आरोपों की हो निष्पक्ष पड़ताल
मामले में आईआईटी बॉम्बे के एक प्रोफेसर की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और दर्ज प्राथमिकी का उल्लेख करते हुए फोरम ने कहा कि किसी निष्कर्ष तक पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहन जांच होनी चाहिए। संबंधित प्रोफेसर पाठ्यक्रम प्रशिक्षक और परीक्षा निरीक्षक की भूमिका में थे। आरोप सामने आने के बाद उनकी प्रतिष्ठा और पेशेवर जीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। फोरम ने मांग की कि सक्षम जांच समिति को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाए। जांच के दौरान दिवंगत छात्र, उसके परिवार और संबंधित शिक्षकों की गरिमा एवं गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।
संवेदनशीलता और संयम बनाए रखने पर जोर
आईआईटी कानपुर फैकल्टी फोरम ने छात्रों, शिक्षकों, प्रशासन, मीडिया और आम नागरिकों से इस मामले में संवेदनशील बने रहने की अपील की है। फोरम का कहना है कि न्यायपूर्ण जांच से ही वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। कठिन समय में संस्थान का शिक्षक समुदाय आईआईटी बॉम्बे के विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ खड़ा है।