
मंडी : ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने वाले गौरव अनिल धोतरे पर अब अपनी पत्नी को भी धोखा देने का आरोप लगा है। पुलिस शिकायत के अनुसार आरोपी ने हिमाचल प्रदेश के पद्धर उपमंडल के सैकड़ों लोगों के साथ आईआईटी मंडी के शिक्षकों और कर्मचारियों को निवेश के नाम पर अपने जाल में फंसाया। ठगी की कुल रकम लगभग 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि वास्तविक राशि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
हर महीने बड़े मुनाफे का दिया भरोसा
आरोपी कथित तौर पर निवेशकों को हर महीने पांच से दस प्रतिशत तक लाभ और तीन वर्षों में रकम दोगुनी होने का दावा करता था। बताया गया है कि वह करीब तीन महीने तक आईआईटी मंडी के गेस्ट हाउस में मेहमान बनकर रहा। इसी दौरान उसने वहां के शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाया। आईआईटी मंडी से जुड़े कार्यक्रमों में उसकी मौजूदगी और अधिकारियों से कथित नजदीकी देखकर लोगों का भरोसा बढ़ा। इसके बाद कई लोगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में लाभ की उम्मीद में बड़ी रकम निवेश कर दी। आरोप है कि जनवरी में वह निवेशकों का पैसा लेकर अचानक गायब हो गया और नेपाल चला गया। शिकायत मिलने पर पद्धर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पत्नी के गहने भी रख दिए गिरवी
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू आरोपी की पत्नी से जुड़ा है। आरोप है कि शादी के लिए बनवाए गए 18 कैरेट सोने के गहनों को होटल के बिल के भुगतान हेतु गिरवी रख दिया गया। शुरुआत में इन गहनों को 22 कैरेट का बताया गया था। बताया गया है कि आरोपी ने जून 2025 में मनाली में शादी की थी। विवाह समारोह का पैकेज करीब 18 लाख रुपये में तय हुआ था। शादी के अगले दिन होटल का भुगतान किए बिना वह पत्नी के साथ चला गया। बाद में पत्नी के गहनों के बदले होटल प्रबंधन को छह लाख रुपये का चेक दिया गया, लेकिन वह भी कथित रूप से बाउंस हो गया।
गारंटर का चेक भी हुआ बाउंस
होटल प्रबंधन ने एक स्थानीय गारंटर का चेक भी लिया था। तय तारीख पर आरोपी के हस्ताक्षर वाला चेक गलत निकला, जबकि दूसरा खाता पहले से बंद बताया गया। गारंटर का चेक भी बैंक में जमा होने पर बाउंस हो गया। इसके बाद दोनों के विरुद्ध अदालत में चेक बाउंस का मामला चल रहा है। होटल प्रबंधन के अनुसार गिरवी रखे गहनों को बेचकर टेंट और फूल सजावट वालों को कुछ भुगतान किया गया, लेकिन अभी भी लगभग 2.20 लाख रुपये बाकी हैं। पुलिस अब निवेशकों से जुड़े लेन-देन, आरोपी के संपर्कों और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।