
नई दिल्ली : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों के कार्यकर्ता शुक्रवार को सड़कों पर उतरे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की, जबकि कुछ स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
पटना-चंडीगढ़ में वाटर कैनन का इस्तेमाल
पटना और चंडीगढ़ में प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण दिखाई दी। चुनाव आयोग के कामकाज का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जा रही है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर बैरिकेड लगाए तथा प्रदर्शनकारियों को संवेदनशील स्थानों की ओर बढ़ने से रोका।
असम में गौरव गोगोई हिरासत में
असम में भी कांग्रेस ने चुनाव आयोग के विरुद्ध प्रदर्शन किया। गुवाहाटी और दिसपुर में आयोजित विरोध कार्यक्रम में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकते हुए गोगोई समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि मतदाता पंजीकरण, नाम जोड़ने या हटाने तथा मतदाता सूची में संशोधन जैसे मुद्दों पर आयोग को स्पष्टता और जवाबदेही बढ़ानी चाहिए।
दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर सुरक्षा कड़ी
राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय और जंतर-मंतर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। भारतीय युवा कांग्रेस और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग की। मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में भी विरोध-प्रदर्शन किए जाने की खबर सामने आई।
मीडिया रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
यह राजनीतिक विवाद उस मीडिया रिपोर्ट के बाद और गहरा गया, जिसमें दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने बीते दस महीनों में SIR से जुड़े कई निर्णयों पर आपत्तियां जताई थीं। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने-जोड़ने और डेटाबेस से संबंधित चिंताओं का उल्लेख किया गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावों में गड़बड़ियां हुईं। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
आयोग ने आरोपों को किया खारिज
चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेद के दावों को अस्वीकार करते हुए कहा कि बहु-सदस्यीय संस्था में प्रशासनिक सुझाव और प्रतिक्रिया सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं। आयोग के अनुसार, SIR से जुड़े अंतिम निर्णय सभी सदस्यों की सहमति से लिए गए थे।