
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम में ग्रामीण विकास से जुड़ी लंबित योजनाओं को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में VB-GRAMG (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) तथा विभिन्न आवास योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया।
हर पंचायत में 100 श्रमिकों को काम देने का लक्ष्य
बैठक में पंचायतवार रोजगार सृजन की स्थिति की समीक्षा की गई। वर्तमान समय में प्रत्येक पंचायत में औसतन 33 श्रमिकों के कार्यरत होने की जानकारी सामने आई। उपायुक्त ने इस संख्या को बढ़ाकर प्रतिदिन 100 श्रमिक तक पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। कार्यस्थलों पर श्रमिकों की भागीदारी बढ़ाने के साथ योजनाओं की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
15 दिनों में पूरी करनी होगी जियो टैगिंग
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर कर लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया गया। जियो टैगिंग से संबंधित सभी लंबित कार्य अगले 15 दिनों के भीतर पूरे करने होंगे। मजदूरी एवं सामग्री मद की बकाया राशि का भुगतान भी जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया है। कार्य में लापरवाही बरतने वाले रोजगार सेवकों और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रतिवेदन जिला स्तर पर उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
दो अक्टूबर को सभी पंचायतों में ग्राम सभा
आगामी दो अक्टूबर को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसमें स्थानीय आवश्यकताओं और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के आधार पर नई योजनाओं का चयन किया जाएगा। उपायुक्त ने चयनित योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
15 अक्टूबर तक पूर्ण होंगे 76 आवास
आवास योजनाओं की समीक्षा में बताया गया कि 76 निर्माणाधीन आवासों के लिए तीसरी किस्त की राशि जारी की जा चुकी है। इन सभी आवासों को अभियान चलाकर 15 अक्टूबर तक पूरा कराने का निर्देश दिया गया। दशहरा के बाद पात्र लाभुकों का गृह प्रवेश कराने की तैयारी भी की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य रोजगार उपलब्ध कराने, बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने और परिवारों का जीवन स्तर सुधारना है। बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, निदेशक एनईपी, बीपीओ, बीसी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। सभी बीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।