
सरायकेला/चांडिल: झारखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से 2019 एवं 2024 में पार्टी के प्रत्याशी रहे हरेलाल महतो ने आजसू पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता के साथ-साथ केंद्रीय महासचिव पद से भी त्यागपत्र दे दिया है।
सुदेश महतो को भेजा इस्तीफा
हरेलाल महतो ने पत्रांक 12/2026, दिनांक 26 सितंबर 2026 को आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो के नाम अपना त्यागपत्र भेजा है। यह त्यागपत्र चांडिल स्थित उनके कार्यालय से जारी किया गया है।
अपने इस्तीफे में हरेलाल महतो ने पार्टी से जुड़े अपने लंबे सफर और नेतृत्व की ओर से मिले अवसरों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी के साथ उनका जुड़ाव उनके लिए हमेशा सम्मान और गौरव का विषय रहा है।
2019 और 2024 में ईचागढ़ से लड़ा था चुनाव
हरेलाल महतो को आजसू ने लगातार दो विधानसभा चुनावों में ईचागढ़ से मैदान में उतारा था। 2019 के विधानसभा चुनाव में वे आजसू प्रत्याशी रहे और 2024 में भी पार्टी ने उन्हें इसी सीट से उम्मीदवार बनाया। 2019 के चुनाव में वे 38,836 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।
इस्तीफे में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें विभिन्न विधानसभा उपचुनावों में प्रभारी और सह-प्रभारी के रूप में संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी थीं।
‘पार्टी और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान रहेगा’
हरेलाल महतो ने अपने त्यागपत्र में कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और केंद्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हालांकि, उनके हृदय में आजसू पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान हमेशा बना रहेगा।
उन्होंने पार्टी से मिले अनुभव, सम्मान और मार्गदर्शन के लिए केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि इन अनुभवों का उपयोग भविष्य में भी जनहित और राज्यहित में करने का प्रयास करेंगे।
ईचागढ़ की राजनीति में बढ़ी हलचल
हरेलाल महतो के इस्तीफे के बाद ईचागढ़ की सियासत में हलचल तेज हो गई है। उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। खास तौर पर इसलिए भी कि वे 2019 और 2024 में आजसू के टिकट पर ईचागढ़ से चुनाव लड़ चुके हैं।
हालांकि, इस्तीफे के पत्र में हरेलाल महतो ने अपने अगले राजनीतिक कदम या किसी दूसरी पार्टी में जाने की घोषणा नहीं की है। इसलिए फिलहाल उनके भविष्य के राजनीतिक रुख को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
ईचागढ़ में अब बड़ा सवाल यही है-आजसू छोड़ने के बाद हरेलाल महतो का अगला कदम क्या होगा?