एलपीयू परिसर में प्रदर्शन के दौरान सैन्य टैंक पर चढ़े छात्र और आसपास जमा प्रदर्शनकारियों की भीड़।
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एलपीयू परिसर में प्रदर्शन के दौरान सैन्य टैंक पर चढ़े छात्र और आसपास जमा प्रदर्शनकारियों की भीड़।
जालंधर : पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक छात्रा से कथित दुर्व्यवहार से जुड़े अपुष्ट दावों के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। बड़ी संख्या में छात्र परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एकत्र हुए तथा मामले की निष्पक्ष जांच, छात्राओं की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग की। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को भ्रामक और निराधार बताया है।
मिग-23 और सैन्य टैंक पर चढ़े छात्र
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शित मिग-23 विमान और सैन्य टैंक पर चढ़ गए। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। परिसर में बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी के कारण माहौल तनावपूर्ण बना रहा। छात्रों ने ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए और मामले में पारदर्शी कार्रवाई की मांग की। विरोध के दौरान विश्वविद्यालय परिसर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें भी सामने आईं। हालांकि इन घटनाओं की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों को लेकर आधिकारिक जांच जारी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित
प्रदर्शनकारी छात्रों के सड़क पर उतरने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात प्रभावित हुआ। वाहनों की आवाजाही बाधित होने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की।
छात्रों ने रखीं छह प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने घटना से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने, आरोपों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने तथा किसी भी दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा हॉस्टल प्रशासन एवं वार्डन की भूमिका की जांच, छात्राओं के छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सभी प्रशासनिक शिकायतों के पारदर्शी निवारण की मांग भी उठाई गई।
जांच टीम में पांच छात्रों को किया शामिल
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच प्रक्रिया में पांच छात्रों को भी शामिल किया गया है, ताकि विद्यार्थियों का पक्ष सामने आ सके और जांच को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। पुलिस ने सोशल मीडिया पर अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है।
विश्वविद्यालय ने आरोपों का किया खंडन
विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर झूठे तथा भ्रामक दावे फैलाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन दावों का खंडन करते हुए कहा कि जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।