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दुर्गा पूजा पर झारखंड अलर्ट, 58 मिनी वाटर टेंडर तैयार; बड़े शहरों में बनेंगे कंट्रोल रूम - aksharsamvad.com
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रांची : दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा को लेकर झारखंड में इस बार विशेष तैयारी की जा रही है। पूजा पंडालों में आग लगने की घटनाओं को देखते हुए अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है। विभाग के पास उपलब्ध 58 मिनी वाटर टेंडर को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है। जिलों से आने वाली जरूरत के अनुसार इनकी तैनाती की जाएगी।

प्रशासन का फोकस पूजा पंडालों में भीड़, बिजली व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों पर है। बड़े शहरों में संभावित भीड़ को देखते हुए अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाए जाने की तैयारी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और अग्निशमन विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई की जा सके।

सभी जिलों में मिनी वाटर टेंडर की तैनाती

दुर्गा पूजा के दौरान सभी 24 जिलों में जरूरत के अनुसार मिनी वाटर टेंडर की तैनाती की जाएगी। विभाग का उद्देश्य यह है कि आग लगने की स्थिति में बड़े दमकल वाहन के पहुंचने का इंतजार न करना पड़े और शुरुआती स्तर पर ही आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की जा सके।

इस बार बड़े वाटर टेंडर के साथ मिस्ट टेक्नोलॉजी वाले मिनी वाटर टेंडर को भी तैनात करने की तैयारी है। अग्निशमन वाहनों को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि सूचना मिलते ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया जा सके।

पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगी जिला समिति

राज्य के अलग-अलग जिलों में संबंधित जिला समितियां पूजा पंडालों का निरीक्षण करेंगी। इन समितियों में डीसी, एसएसपी/एसपी और अन्य संबंधित पदाधिकारी शामिल रहेंगे। टीम पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी।

निरीक्षण के दौरान आवागमन के रास्ते, सीसीटीवी कैमरे, पानी और बिजली की व्यवस्था, अग्निशमन इंतजाम तथा आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।

बड़े शहरों में बनेगा अस्थायी कंट्रोल रूम

पुलिस के वरीय अधिकारियों के अनुसार पूजा पंडालों की संख्या और संभावित भीड़ को देखते हुए बड़े शहरों में अस्थायी नियंत्रण कक्ष बनाए जाएंगे। इन कंट्रोल रूम के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल के साथ अग्निशमन वाहनों की तैनाती की जाएगी।

प्रशासन का उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य सहयोगी विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

डीजीपी ने भी की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

दुर्गा पूजा से पहले डीजीपी ने सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी और जोनल आईजी के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की है। इसके बाद जिलों में पूजा पंडालों और भीड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज की गई है।

इसके अलावा दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी सभी जिलों के उपायुक्तों, एसएसपी-एसपी और बिजली, अग्निशमन सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। बैठक में सामने आने वाली जरूरतों के अनुसार संबंधित विभागों को संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में निर्णय लिया जाएगा।

आग की घटनाओं से सबक, इस बार पहले से तैयारी

पूर्व में पूजा पंडालों में आग लगने की घटनाओं के बाद प्रशासन इस बार सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी कर रहा है। पंडाल समितियों को भी अग्नि सुरक्षा के मानकों और आपात स्थिति में निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जाएंगे।

पूजा के दौरान भीड़ बढ़ने के साथ आग से जुड़े जोखिम को कम करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। ऐसे में कंट्रोल रूम, अतिरिक्त बल और 58 मिनी वाटर टेंडर की तैयारी को आपातकालीन रिस्पॉन्स सिस्टम का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

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