ताजा खबर
आधी रात से सुबह तक चला ऑपरेशन, बालू के 7 हाईवा जब्त; घाटशिला में खनन माफियाओं में मचा हड़कंप•JPSC चेयरमैन के घर तक पहुंची रिश्वत! CID जांच में सामने आया ₹2.5 लाख का कनेक्शन•टाटा स्टील का बड़ा दांव, सिंगापुर में ₹3,260 करोड़ का निवेश; यूरोप कारोबार पर फोकस•देर रात चाईबासा की सड़कों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, नशाखोरी-जमावड़े पर कसा शिकंजा•खून से लथपथ था भारतीय कैप्टन, फिर भी खोला कॉकपिट का दरवाजा; 174 यात्रियों की ऐसे बची जान•अक्टूबर से बदल गए 9 बड़े नियम, LPG से FD और NPS तक बदला सिस्टम; जानिए क्या हुआ महंगा-क्या बदला•8.86 एकड़ जमीन केस में CM हेमंत सोरेन पर आरोप तय, 30 नवंबर से ED पेश करेगी गवाह•रांची में दो गंभीर मामले, नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, चुरनी फॉल में युवती की संदिग्ध मौत•चांडिल डैम में सुरक्षा की नई तैयारी, 40 नाविकों ने सीखे जान बचाने के गुर•मतदाता सूची में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन, अब घर-घर पहुंचेंगे BLO; नोटिस वाले मतदाताओं का होगा सत्यापनआधी रात से सुबह तक चला ऑपरेशन, बालू के 7 हाईवा जब्त; घाटशिला में खनन माफियाओं में मचा हड़कंप•JPSC चेयरमैन के घर तक पहुंची रिश्वत! CID जांच में सामने आया ₹2.5 लाख का कनेक्शन•टाटा स्टील का बड़ा दांव, सिंगापुर में ₹3,260 करोड़ का निवेश; यूरोप कारोबार पर फोकस•देर रात चाईबासा की सड़कों पर पुलिस का बड़ा एक्शन, नशाखोरी-जमावड़े पर कसा शिकंजा•खून से लथपथ था भारतीय कैप्टन, फिर भी खोला कॉकपिट का दरवाजा; 174 यात्रियों की ऐसे बची जान•अक्टूबर से बदल गए 9 बड़े नियम, LPG से FD और NPS तक बदला सिस्टम; जानिए क्या हुआ महंगा-क्या बदला•8.86 एकड़ जमीन केस में CM हेमंत सोरेन पर आरोप तय, 30 नवंबर से ED पेश करेगी गवाह•रांची में दो गंभीर मामले, नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप, चुरनी फॉल में युवती की संदिग्ध मौत•चांडिल डैम में सुरक्षा की नई तैयारी, 40 नाविकों ने सीखे जान बचाने के गुर•मतदाता सूची में गड़बड़ी पर बड़ा एक्शन, अब घर-घर पहुंचेंगे BLO; नोटिस वाले मतदाताओं का होगा सत्यापन
टाटा स्टील का बड़ा दांव, सिंगापुर में ₹3,260 करोड़ का निवेश; यूरोप कारोबार पर फोकस - aksharsamvad.com
Spread the love

जमशेदपुर : टाटा स्टील ने अपने वैश्विक कारोबार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने सिंगापुर स्थित अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी टी स्टील होल्डिंग्स पीटीई लिमिटेड (TSHPL) में करीब ₹3,260.32 करोड़ (34 करोड़ डॉलर) का नया पूंजी निवेश किया है। कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई नियामकीय सूचना में यह जानकारी सामने आई है।

यूरोपीय कारोबार को मजबूत करने की रणनीति

टाटा स्टील के अनुसार, यह निवेश उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार को मजबूत करने के साथ-साथ यूरोपीय संयंत्रों के वित्तीय पुनर्गठन, कर्ज प्रबंधन और प्रस्तावित ग्रीन स्टील ट्रांजिशन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सिंगापुर स्थित यह अनुषंगी कंपनी टाटा स्टील के यूरोपीय कारोबार से जुड़ी गतिविधियों में अहम भूमिका निभाती है।

393.51 करोड़ नए शेयर खरीदे

नियामकीय सूचना के मुताबिक, टाटा स्टील ने टीएसएचपीएल के 0.0864 डॉलर अंकित मूल्य वाले 393.51 करोड़ से अधिक नए इक्विटी शेयर खरीदे हैं। इस निवेश के बाद भी टीएसएचपीएल पर टाटा स्टील का पूरा नियंत्रण बना रहेगा।

यह निवेश कंपनी के निदेशक मंडल द्वारा 17 मार्च को मंजूर किए गए दो अरब डॉलर के विशेष वित्तीय पैकेज का हिस्सा है। इस आवंटन के बाद टीएसएचपीएल में कुल निवेश सीमा बढ़कर 26.21 अरब डॉलर हो गई है।

ब्रिटेन और नीदरलैंड के संयंत्रों पर भी नजर

सिंगापुर स्थित अनुषंगी कंपनी के माध्यम से टाटा स्टील के यूरोपीय कारोबार का वित्तीय पुनर्गठन किया जा रहा है। इसमें ब्रिटेन और नीदरलैंड स्थित संयंत्रों से जुड़े वित्तीय दायित्वों को मजबूत करना और भविष्य में हरित इस्पात उत्पादन की दिशा में बदलाव करना शामिल है।

यूरोप में ग्रीन स्टील ट्रांजिशन अहम

वैश्विक स्तर पर स्टील उद्योग में कार्बन उत्सर्जन कम करने का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में टाटा स्टील अपने यूरोपीय कारोबार को पारंपरिक इस्पात उत्पादन से कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीक की ओर ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है। सिंगापुर इकाई में किया गया यह निवेश इसी व्यापक रणनीति से जुड़ा माना जा रहा है।

मुनाफे पर दबाव के बीच बड़ा निवेश

कंपनी के लिए यह निवेश ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर इस्पात कीमतों में नरमी का दबाव देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टाटा स्टील का समेकित शुद्ध लाभ 20.8 प्रतिशत घटकर ₹2,318 करोड़ रहा था। कंपनी का कुल राजस्व ₹60,794 करोड़ दर्ज किया गया।

इसके बावजूद कंपनी विदेशी इकाइयों में पूंजी लगाकर अपने वैश्विक परिचालन को स्थिर और दीर्घकालिक रूप से मजबूत करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।

क्या है निवेश का बड़ा मकसद?

टाटा स्टील के इस कदम के तीन प्रमुख पहलू सामने आते हैं-यूरोपीय कारोबार की वित्तीय मजबूती, कर्ज प्रबंधन और ग्रीन स्टील की ओर संक्रमण। सिंगापुर स्थित अनुषंगी के माध्यम से यूरोपीय कारोबार में पूंजी उपलब्ध कराने से कंपनी को अपनी अंतरराष्ट्रीय रणनीति को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

error: Content is protected !!
Exit mobile version