
सरायकेला-खरसावां/आदित्यपुर: आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की कमी के बीच अब कुकड़ू क्षेत्र में नया औद्योगिक ठिकाना विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। टाटा पावर कंपनी लिमिटेड की करीब 436.93 एकड़ रैयती जमीन पर औद्योगिक पार्क विकसित करने के प्रस्ताव को लेकर झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) ने प्रक्रिया तेज कर दी है। जियाडा की ओर से जमीन के भौतिक सत्यापन और पैमाइश का काम शुरू कर दिया गया है।
टाटा पावर ने सरकार को दिया जमीन सौंपने का प्रस्ताव
टाटा पावर कंपनी लिमिटेड ने अपनी करीब 436.93 एकड़ रैयती जमीन को औद्योगिक उपयोग के लिए सरकार को सौंपने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के बाद जियाडा ने जमीन की वास्तविक स्थिति और औद्योगिक उपयोग की संभावनाओं की जांच शुरू की है।
जियाडा के आदित्यपुर और रांची कार्यालय के अधिकारियों के साथ तकनीकी विशेषज्ञों तथा टाटा पावर के अधिकृत प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक विशेष संयुक्त समिति का गठन किया गया है।
15 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
संयुक्त समिति को अगले 15 दिनों के भीतर औद्योगिक व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसमें जमीन के मालिकाना हक और कानूनी स्थिति के अलावा क्षेत्र की सड़क एवं परिवहन कनेक्टिविटी तथा उद्योगों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचे की उपलब्धता की जांच की जाएगी।
जियाडा का लक्ष्य नवंबर तक अंतिम रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का है। इसके बाद सरकारी स्तर पर आवश्यक निर्णय और मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आदित्यपुर के औद्योगिक दबाव को मिलेगी राहत
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में जमीन की उपलब्धता सीमित होने के कारण नए उद्योगों के विस्तार के लिए जगह की चुनौती बनी हुई है। ऐसे में कुकड़ू में करीब 437 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक पार्क विकसित होने की स्थिति में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध हो सकती है।
इससे आदित्यपुर पर औद्योगिक विस्तार का दबाव कम करने के साथ कुकड़ू क्षेत्र में नए उद्योगों के लिए आधार तैयार हो सकता है।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की उम्मीद
औद्योगिक पार्क विकसित होने पर उद्योगों के साथ परिवहन, निर्माण, सेवा और अन्य सहायक गतिविधियों के विस्तार की संभावना है। इससे कुकड़ू और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं।
फिलहाल संयुक्त समिति की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के निर्णय पर इस प्रस्ताव की अगली दिशा निर्भर करेगी।