
जमशेदपुर : दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा और जनसुविधाओं के साथ सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी जिला प्रशासन सतर्क है। सोमवार, 5 अक्टूबर को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में पेश-ए-इमाम तथा मस्जिदों के अध्यक्ष और सचिवों के साथ बैठक हुई। इसमें पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारियों पर चर्चा हुई और सभी समुदायों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई।
धार्मिक प्रतिनिधियों ने रखे सुविधाओं से जुड़े सुझाव
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से संबंधित मुद्दे उठाए। विसर्जन घाटों पर गोताखोरों की उपलब्धता, सफाई, बिजली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पर सुझाव दिए गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ड्रॉप गेट, प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी तथा असामाजिक तत्वों पर नजर रखने जैसे विषय भी चर्चा में रहे। प्रशासन ने उपस्थित प्रतिनिधियों को पूजा के मद्देनजर चल रही तैयारियों की जानकारी दी।
समय पर पूरी होंगी तैयारियां, यातायात पर भी ध्यान
उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए जा चुके हैं। साफ-सफाई, आवश्यक सेवाओं और सुचारू यातायात से जुड़ी तैयारियां निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि पर्व की शांति बनाए रखने में प्रशासन के साथ नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है। सभी समुदायों के लोग सौहार्द बनाए रखें और व्यवस्था संचालन में सहयोग करें।
वायरल वीडियो को सच मानने से पहले करें सत्यापन
बैठक में सोशल मीडिया की भ्रामक सामग्री को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई। उपायुक्त ने युवाओं से संयम रखने और बिना जांचे किसी संदेश को आगे नहीं भेजने को कहा। उन्होंने आगाह किया कि एआई से बने फर्जी वीडियो, संपादित दृश्य और भ्रामक तस्वीरें लोगों को भ्रमित कर सकती हैं। ऐसी संदिग्ध सामग्री मिलने पर उसे प्रसारित करने के बजाय पुलिस अथवा प्रशासन को जानकारी देने की अपील की गई।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखेगी पुलिस
वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस दुर्गापूजा की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। संवेदनशील और भीड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। असामाजिक गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रहेगी। उन्होंने धार्मिक प्रतिनिधियों से अपने स्तर पर लोगों को फेक न्यूज और असत्यापित वायरल वीडियो के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। किसी अफवाह, संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय स्थिति की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस पदाधिकारी तक पहुंचाने को कहा गया।
विसर्जन घाटों पर सुरक्षा और प्रकाश व्यवस्था पर जोर
पूजा और विसर्जन के दौरान प्रभावी भीड़ प्रबंधन, पर्याप्त रोशनी तथा घाटों पर सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गोताखोरों, पेयजल और सफाई की समुचित व्यवस्था के साथ जरूरत के अनुसार ड्रॉप गेट लगाने पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की कि वे भड़काऊ संदेशों और अपुष्ट सूचनाओं को साझा करने से बचें तथा प्रेम, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ पर्व मनाएं।