
जमशेदपुर : टाटानगर स्टेशन से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को एक ओर एर्नाकुलम एक्सप्रेस के कोच से आरपीएफ जवानों ने 10 किलो गांजा बरामद किया, वहीं दूसरी ओर टाटानगर से रवाना हुई तेजस राजधानी एक्सप्रेस पर शरारती तत्वों ने पत्थर फेंक दिया। पत्थर लगने से बी-7 कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
गांजे की खेप छोड़कर फरार हुआ संदिग्ध
ओडिशा की ओर से टाटानगर आने वाली एर्नाकुलम एक्सप्रेस की अचानक जांच के दौरान आरपीएफ जवानों को एक कोच में करीब 10 किलो गांजा मिला। जांच के दौरान गांजा रखने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी। आशंका जताई जा रही है कि आरपीएफ जवानों की मौजूदगी देखकर संदिग्ध व्यक्ति गांजा छोड़कर कोच से उतर गया।
CCTV फुटेज से तस्कर तक पहुंचने की कोशिश
गांजा बरामद होने के बाद आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा ट्रेन के किस हिस्से से लाया गया और इसे छोड़कर जाने वाला व्यक्ति कौन था। बरामद गांजा आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंपा जा सकता है।
राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव, शीशा टूटा
दूसरी घटना टाटानगर से भुवनेश्वर होते हुए दिल्ली जा रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस से जुड़ी है। सोमवार शाम स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के कुछ देर बाद शरारती तत्वों ने बी-7 कोच पर पत्थर फेंक दिया। पत्थर लगने से कोच का शीशा टूट गया।
यात्री की सूचना पर हरकत में आई आरपीएफ
बालेश्वर से कोडरमा जा रहे एक यात्री ने ट्रेन में मौजूद एस्कॉर्ट पार्टी के आरपीएफ जवानों को पथराव की जानकारी दी। इसके बाद आरपीएफ ने तत्काल जांच अभियान शुरू किया। अब पत्थर फेंकने वाले आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के इलाके और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
पहले भी वंदे भारत पर हो चुका है पथराव
ट्रेनों पर पथराव की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 13 सितंबर को गोविंदपुर के पास वंदे भारत ट्रेन को भी पत्थरबाजी का निशाना बनाया गया था। उस घटना में सी-2 कोच का शीशा क्षतिग्रस्त हुआ था। ऐसे में राजधानी एक्सप्रेस पर हुई ताजा घटना ने चलती ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एक तरफ ट्रेन में नशीले पदार्थ की खेप, दूसरी तरफ चलती राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव-टाटानगर से जुड़ी इन दोनों घटनाओं में अब आरपीएफ की जांच पर नजर है। एक मामले में गांजा रखने वाले की पहचान चुनौती है, तो दूसरे में पत्थरबाजों तक पहुंचना पुलिस-आरपीएफ के लिए अहम है।