
लोहरदगा : रांची की यात्रा के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे एक व्यक्ति की जिंदगी सफर शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गई। लोहरदगा–रांची रेलखंड के नाजुआ रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह चलती मेमू पैसेंजर में चढ़ने का प्रयास करते समय 45 वर्षीय सन्नी उरांव ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद जीआरपी मामले की जांच और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
नाजुआ स्टेशन पर हुआ हादसा
मृतक की पहचान लोहरदगा जिले के कैरो थाना क्षेत्र अंतर्गत डूमरटोली गांव निवासी सन्नी उरांव के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय लखवा उरांव के पुत्र थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सन्नी रांची जाने के उद्देश्य से नाजुआ रेलवे स्टेशन आए थे। उन्हें लोहरदगा–रांची यात्री रेलगाड़ी संख्या दो से यात्रा करनी थी। इसी दौरान स्टेशन पर पहुंची मेमू पैसेंजर में सवार होने की कोशिश उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
दौड़कर चढ़ते समय बिगड़ा संतुलन
बताया जा रहा है कि लोहरदगा से रांची की ओर जाने वाली मेमू पैसेंजर जब वहां पहुंची, तब सन्नी ने चलती ट्रेन में दौड़कर चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पटरी पर गिर पड़े। ट्रेन की चपेट में आने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यात्रा के लिए आए सन्नी के साथ हुए इस हादसे ने स्टेशन पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया।
स्थानीय लोगों की मदद से हुई पहचान
दुर्घटना के बाद स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। शव को तत्काल रेलवे पटरी से बाहर निकाला गया। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहायता से मृतक की पहचान की गई। घटना की जानकारी जीआरपी को दी गई, जिसके बाद मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई शुरू हुई। हादसे के घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सन्नी उरांव की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रांची जाने के लिए घर से निकले व्यक्ति की अचानक मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। एक सामान्य रेल यात्रा की तैयारी कुछ ही पलों में ऐसी त्रासदी में बदल गई, जिसकी परिवार ने कल्पना भी नहीं की होगी।
चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास बेहद खतरनाक
यह घटना रेल यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत सामने लाती है। चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश में संतुलन बिगड़ने पर गंभीर दुर्घटना हो सकती है। यात्रियों को ट्रेन पूरी तरह रुकने पर ही सवार होना चाहिए। ट्रेन छूट जाने की स्थिति में उसे दौड़कर पकड़ने का जोखिम लेने से बचना जरूरी है। थोड़ी जल्दबाजी जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।