
जमशेदपुर : लंबे समय से सुनने में परेशानी झेल रही परसुडीह के प्रमोद नगर निवासी शांति लता मंडल को सहायता मिलने से रोजमर्रा की बातचीत आसान होने की उम्मीद जगी है। संस्कृति सोशल वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष मुनमुन चक्रवर्ती ने अपने निजी खर्च से उन्हें दस हजार रुपये की श्रवण सहायता मशीन उपलब्ध कराई। वह स्वयं उनके घर पहुंचीं और मशीन सौंपी। इस सहयोग पर शांति लता और उनके परिवार ने खुशी व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।
समस्या की जानकारी मिली तो मदद के लिए बढ़ाया हाथ
शांति लता मंडल को काफी समय से सुनने में कठिनाई हो रही थी। इस परेशानी का असर परिवार के साथ बातचीत और दैनिक कामकाज पर भी पड़ रहा था। जब मुनमुन चक्रवर्ती को उनकी स्थिति के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने मदद करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने अपने खर्च से कान की मशीन की व्यवस्था की, ताकि शांति लता को सुनने से जुड़ी परेशानी में सहारा मिल सके। यह सहायता उनकी एक खास जरूरत को ध्यान में रखकर उपलब्ध कराई गई। मुनमुन चक्रवर्ती ने समस्या की जानकारी मिलने के बाद उपकरण की व्यवस्था करने से लेकर उसे घर पहुंचाने तक की जिम्मेदारी स्वयं निभाई।
घर पहुंचकर सौंपी श्रवण सहायता मशीन
मुनमुन चक्रवर्ती प्रमोद नगर स्थित शांति लता मंडल के निवास पर पहुंचीं और उन्हें मशीन प्रदान की। घर पर मिली इस सहायता से परिवार को भी राहत की उम्मीद मिली है। परिजनों के अनुसार, सुनने की समस्या के कारण शांति लता को सामान्य बातचीत में काफी दिक्कत होती थी। परिवार को उम्मीद है कि मशीन के इस्तेमाल से उन्हें बात समझने और दैनिक जीवन में सुविधा मिलेगी।
परिवार ने जताई खुशी और कृतज्ञता
मशीन मिलने के बाद शांति लता मंडल और उनके परिजनों ने मुनमुन चक्रवर्ती के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। परिवार ने बताया कि लंबे समय से चली आ रही सुनने की परेशानी उनके लिए चिंता का विषय थी। ऐसे में जरूरत के अनुरूप उपकरण मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण सहायता है। हालांकि, मशीन से मिलने वाली सुविधा को लेकर परिवार ने उम्मीद व्यक्त की है; सुनने में सुधार का कोई निश्चित दावा नहीं किया गया है।
जरूरत समझकर साथ खड़ा होना ही समाजसेवा
इस अवसर पर मुनमुन चक्रवर्ती ने कहा कि समाजसेवा का अर्थ जरूरतमंद लोगों की परेशानी को समझना और समय पर उनकी सहायता करना है। उनके अनुसार, किसी व्यक्ति के लिए छोटी लगने वाली मदद भी उसके दैनिक जीवन में बड़ा महत्व रख सकती है। उन्होंने आगे भी अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद लोगों को सहयोग देने की बात कही। प्रमोद नगर में किया गया यह प्रयास व्यक्तिगत पहल से किसी की वास्तविक जरूरत पूरी करने का उदाहरण बना है। शांति लता के लिए यह मशीन अब बातचीत और दैनिक कामकाज में सहूलियत की नई उम्मीद लेकर आई है।