- पैतृक गांव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा पार्थिव शरीर, बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना
रामगढ़/नेमरा : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में किया जाएगा। उनके निधन की खबर से झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। नाड़ी दहरा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर को गुरुवार सुबह करीब 11 बजे उनके पैतृक गांव नेमरा पहुंचाए जाने की जानकारी है। गांव पहुंचने के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक, ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
नेमरा में अंतिम दर्शन, उमड़ेगी भीड़
रूपी सोरेन के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए रामगढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गांव से लेकर नाड़ी दहरा घाट तक सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन की ओर से अंतिम यात्रा के मार्ग को व्यवस्थित रखने के साथ मौके पर जरूरी नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई गई है, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
नाड़ी दहरा घाट पर राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई
नेमरा स्थित नाड़ी दहरा घाट का सोरेन परिवार से पुराना संबंध रहा है। पिछले वर्ष अगस्त में शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार भी इसी स्थल पर किया गया था। अब करीब एक साल बाद उनकी पत्नी रूपी सोरेन को भी इसी घाट पर अंतिम विदाई दी जाएगी।
अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के रूप में नेमरा से नाड़ी दहरा घाट ले जाया जाएगा। यहां राजकीय सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक
रूपी सोरेन के निधन की सूचना सामने आने के बाद झारखंड के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए सोरेन परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
रूपी सोरेन झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेता शिबू सोरेन की जीवनसंगिनी तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां थीं। उनके निधन के बाद नेमरा में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और अंतिम संस्कार की तैयारियों पर प्रशासन की विशेष नजर है।