
- 10 अक्टूबर से 30 जनवरी तक चलेगा अभियान, घर-घर जागरूकता के साथ मरीजों की पहचान और इलाज पर जोर
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़े सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ (Meri Dosti Tumse) अभियान 10 अक्टूबर 2026 से 30 जनवरी 2027 तक चलेगा। शनिवार को समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन ने अभियान से संबंधित पोस्टर का विमोचन कर इसकी शुरुआत की।
मरीजों की पहचान से इलाज तक चलेगी मुहिम
अभियान के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न जनसहभागिता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के संभावित मरीजों की समय पर पहचान करना, उन्हें उपचार उपलब्ध कराना और लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करना है। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों और संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अभियान के तहत लेप्रोसी केस डिटेक्शन कैंपेन (LCDC), एफएलसी सहित निर्धारित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और स्कूलों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और आम नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा।
कुष्ठ रोग से ठीक हुए लोगों को मिलेगा सम्मान
अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित और उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके लोगों के प्रति समाज की सोच बदलना है। इसके लिए सम्मान एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में ठीक हो चुके लोगों के अनुभव साझा किए जाएंगे, ताकि समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो और भेदभाव की भावना समाप्त हो।
डीसी बोले- लक्षण दिखें तो जांच कराने में न करें देरी
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि कुष्ठ रोग एक उपचार योग्य बीमारी है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से इस पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि संभावित लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और स्वास्थ्यकर्मियों की सलाह के अनुसार उपचार लें।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने भी नागरिकों से ‘मेरी दोस्ती तुमसे’ अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना और उन्हें समाज में समान अवसर देना जरूरी है। अभियान के जरिए जिले में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ भेदभाव मुक्त समाज के निर्माण पर जोर दिया जाएगा।