
- दोमुहानी से भुइयांडीह तक विसर्जन घाटों का निरीक्षण, खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने का निर्देश; पुलिस संभालेगी सुरक्षा और ट्रैफिक की कमान
जमशेदपुर : दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन को लेकर जमशेदपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। नदी घाटों पर किसी अनहोनी को रोकने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने रविवार को शहर के विभिन्न विसर्जन घाटों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। नदी के गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, प्रशिक्षित गोताखोर और बचाव दल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गहरे पानी में जाने की कोशिश की तो रहेगी सख्त निगरानी
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विसर्जन घाटों पर नदी के गहरे पानी वाले स्थानों को चिह्नित कर स्पष्ट मार्किंग कराई जाए। खतरनाक स्थलों पर बैरिकेडिंग के साथ चेतावनी संकेतक लगाए जाएं, ताकि श्रद्धालु निर्धारित सुरक्षित सीमा के भीतर ही रहें।
उन्होंने घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती, जरूरत के अनुसार बचाव दल की उपलब्धता और जीवनरक्षक उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके, इसके लिए भी जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया गया।
दोमुहानी से स्वर्णरेखा घाट तक तैयारियों की पड़ताल
जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन और एसएसपी डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने बड़ौदा घाट, दोमुहानी, भुइयांडीह, स्वर्णरेखा घाट और सती घाट सहित विभिन्न विसर्जन स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, पहुंच मार्ग, बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की गई।
पांडेय घाट समेत अन्य घाटों पर भी विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि घाटों तक पहुंचने में श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए और विसर्जन स्थलों पर भीड़ को नियंत्रित रखने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।
ट्रैफिक से लेकर पुलिस बल तक, सुरक्षा का खाका तैयार
वरीय पुलिस अधीक्षक ने घाटों और विसर्जन मार्गों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, यातायात प्रबंधन तथा भीड़ नियंत्रण को लेकर निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और पूजा समितियों के साथ समन्वय बनाकर विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
प्रशासन का उद्देश्य विसर्जन के दौरान जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। इसके लिए पुलिस और संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा गया है।
रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षित रास्तों पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान घाटों पर पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई और सुगम आवागमन की व्यवस्था की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सभी प्रशासनिक और सुरक्षा इंतजाम समय रहते पूरे करने का निर्देश दिया। नदी में प्रतिमा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर सतर्क निगरानी रखने और किसी को भी गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर मुकेश मछुआ, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त, डीएसपी ट्रैफिक और विभिन्न पूजा समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने कहा कि नदी घाटों पर व्यवस्थाओं की निगरानी कर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अब विसर्जन के दौरान इन निर्देशों का जमीन पर कितना पालन होता है, यह महत्वपूर्ण होगा।