
- फुटबॉल मैदान के पास जुटे थे पांच युवक, पुलिस की घेराबंदी तोड़कर भागे चार आरोपित; दो मोबाइल फोन भी बरामद, हथियार के सप्लायर और संभावित खरीदार की तलाश
जमशेदपुर : शहर में अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री पर अंकुश लगाने की कोशिशों के बीच बिरसानगर में पुलिस ने छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बिरसानगर थाना क्षेत्र के फुटबॉल मैदान के पास पांच युवक कथित तौर पर हथियारों की सौदेबाजी के लिए जुटे थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने पीछा कर यश दास को पकड़ लिया, जबकि उसके चार साथी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार युवक के पास से एक पिस्तौल, दो कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि बरामद पिस्तौल कहां से लाई गई थी और इसे किसे बेचा जाना था। इसके साथ ही फरार चार आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार युवक से पूछताछ और बरामद मोबाइल फोन की जांच से हथियारों की खरीद-बिक्री से जुड़े संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
गुप्त सूचना पर फुटबॉल मैदान के पास छापेमारी
पुलिस को सूचना मिली थी कि बिरसानगर के फुटबॉल मैदान के पास कुछ युवक अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद युवक अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने पीछा कर यश दास को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्तौल, दो कारतूस और दो मोबाइल फोन मिले।
पुलिस ने मामले में यश दास के अलावा साहिल लोहार, अंशु केवट, विशाल रविदास और रवि यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस इन चारों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। मामले में आरोपितों की भूमिका और हथियारों की खरीद-बिक्री से उनके कथित संबंधों की जांच की जा रही है।
हथियार का सप्लायर कौन, किसे होनी थी डिलीवरी?
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल बरामद पिस्तौल के स्रोत और उसके संभावित खरीदार की पहचान का है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया गया था या इसे कहीं दूसरे स्थान से लाया गया था। हालांकि, अब तक हथियार के आपूर्तिकर्ता और संभावित खरीदार के संबंध में कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
गिरफ्तार युवक के पास से बरामद दोनों मोबाइल फोन भी जांच के दायरे में हैं। इनकी जांच से प्रासंगिक संपर्कों और बातचीत के बारे में सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं या नहीं। फिलहाल किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
चार फरार आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस
छापेमारी के दौरान चार युवकों के फरार हो जाने के बाद पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी से घटनाक्रम और कथित सौदेबाजी की प्रकृति के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस बरामद हथियार और कारतूस की भी जांच कर रही है, ताकि उनकी प्रकृति और स्रोत से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।
फिलहाल इस कार्रवाई ने बिरसानगर में अवैध हथियारों की कथित खरीद-बिक्री का मामला सामने ला दिया है। जांच की दिशा अब तीन प्रमुख बिंदुओं पर केंद्रित है, हथियार कहां से आया, इसे किसे बेचा जाना था और क्या इस गतिविधि के पीछे अन्य लोग भी शामिल हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और बरामद साक्ष्यों से सामने आ सकेंगे।