
रांची : प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य की मौत के बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) रांची में छात्रों का विरोध तेज हो गया है। खेलगांव हाउसिंग सोसाइटी स्थित छात्रावास में विद्यार्थी लगातार तीन दिनों से धरना और नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि चिकित्सा सहायता और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की अनदेखी हुई है। प्रदर्शनकारी निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव को हटाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, पुलिस आदित्य की मौत की जांच में जुटी है।
चिकित्सा सहायता में देरी का आरोप
छात्रों का आरोप है कि आपात स्थिति में आवश्यक चिकित्सा सहायता समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। उन्होंने एंबुलेंस और ऑक्सीजन की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं। विद्यार्थियों का दावा है कि लिफ्ट, बिजली और चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त होती तो आदित्य की जान बच सकती थी। हालांकि, छात्र की मौत की परिस्थितियों और कथित लापरवाही की जांच जारी है। विद्यार्थियों के आरोपों के बीच संस्थान की आपातकालीन व्यवस्था और शिकायतों पर कार्रवाई का मुद्दा विरोध के केंद्र में आ गया है।
मोटी फीस के बावजूद सुविधाओं पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि पढ़ाई के अतिरिक्त अन्य मदों में वे हर वर्ष लगभग चार लाख रुपये फीस देते हैं, फिर भी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ता है। उनका आरोप है कि कई महीनों से समस्याओं की शिकायत की जा रही है, लेकिन ठोस सुधार नहीं हुआ। छात्रों ने कैंटीन के भोजन, छात्रावास की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है। परिसर में सीसीटीवी कैमरों तथा निगरानी के इंतजाम को उन्होंने अपर्याप्त बताया है।
चेयरमैन से बातचीत में भी कायम रही मांग
सोमवार शाम करीब सात बजे संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. भट्ट, निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव, शिक्षक और कर्मचारी प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। छात्रों ने अपनी समस्याएं बताईं और निदेशक को हटाने की मांग दोहराई। चेयरमैन ने विद्यार्थियों की बात सुनी और मंगलवार को किसी निष्कर्ष तक पहुंचने का संकेत दिया। छात्रों का कहना है कि निदेशक को हटाए जाने के बाद वे अन्य समस्याओं से भी संस्थान के उच्च पदाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
छात्रावास परिसर में बड़ी संख्या में विद्यार्थी बैनर और पोस्टर के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस कदम उठाए बिना विरोध समाप्त नहीं होगा। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन तेज करने और खेलगांव चौक जाम करने की चेतावनी भी दी है। बुनियादी सुविधाओं को लेकर पहले से जारी असंतोष को आदित्य की मौत ने और बढ़ा दिया है। फिलहाल विद्यार्थी अपनी मांगों पर डटे हुए हैं।
निदेशक बोले, समाधान का प्रयास जारी
निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने कहा है कि घटना से संस्थान के सभी सदस्य मर्माहत हैं। उनके अनुसार, मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है और इसमें सभी का सहयोग अपेक्षित है। दूसरी ओर, पुलिस जांच और प्रबंधन की कार्रवाई पर छात्रों की नजर बनी हुई है।