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झारखंड सीमा से सटे जंगल में हथियारों का जखीरा, तीन राइफल और 36 गोलियां बरामद - aksharsamvad.com
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बान्दोवान के जंगल में संयुक्त अभियान के दौरान बरामद तीन राइफल, एक रिवॉल्वर और 36 जिंदा गोलियां।

पुरुलिया, पश्चिम बंगाल : झारखंड सीमा से सटे बान्दोवान के जंगल में चलाए गए माओवादी विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को हथियारों का छिपा हुआ जखीरा मिला है। संयुक्त तलाशी में तीन .315 बोर की राइफल, एक .38 बोर का रिवॉल्वर और 36 जिंदा गोलियां बरामद हुई हैं। पुलिस के मुताबिक, सभी हथियार चालू हालत में थे। इस बरामदगी के बाद जांच का मुख्य केंद्र हथियारों का स्रोत और उन्हें जंगल में छिपाकर रखने का उद्देश्य है।

गुप्त सूचना और पूछताछ से मिली अहम कड़ी

पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक कुमार सन्नी राज ने प्रेस वार्ता में अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को मिली गुप्त सूचना और गिरफ्तार पूर्व माओवादियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर बान्दोवान थाना क्षेत्र में तलाशी की गई। इन जानकारियों को आधार बनाकर सुरक्षा बलों ने जंगल में छिपाए गए हथियारों की तलाश शुरू की। अभियान के दौरान मिली सफलता को पुलिस माओवादी विरोधी कार्रवाई की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।

कोबरा, सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने चलाया अभियान

इस कार्रवाई में कोबरा, सीआरपीएफ और पुरुलिया जिला पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी। झारखंड की सीमा से लगे जंगल में टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान मेटल डिटेक्टर की सहायता ली गई, जिससे छिपाकर रखे गए हथियारों का पता लगाने में मदद मिली। पुलिस के अनुसार, जंगल में जमीन के पास रखे एक बैग से राइफल, रिवॉल्वर और कारतूस मिले। बरामद सामग्री के बारे में एसपी ने प्रेस वार्ता में विस्तार से जानकारी साझा की।

बैग में रखे मिले हथियार, सभी चालू हालत में

बरामद हथियारों में .315 बोर की तीन राइफल और .38 बोर का एक रिवॉल्वर शामिल है। इनके साथ कुल 36 राउंड जिंदा गोलियां भी मिली हैं। एसपी कुमार सन्नी राज के अनुसार, हथियार इस्तेमाल करने योग्य स्थिति में थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि ये हथियार जंगल तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां रखने के पीछे क्या मकसद था। इनके संभावित इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।

हथियारों के स्रोत तक पहुंचने की कोशिश

बरामदगी के साथ जांच का अगला चरण हथियारों के स्रोत का पता लगाना है। पुलिस यह स्पष्ट करना चाहती है कि इनका संबंध किन गतिविधियों से था और इन्हें किस उद्देश्य से सुरक्षित रखकर छिपाया गया था। फिलहाल पुलिस की ओर से दी गई जानकारी में हथियारों की बरामदगी और उनके चालू हालत में होने की पुष्टि की गई है। स्रोत और संभावित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं पर जांच जारी है।

सीमावर्ती जंगलों में जारी रहेगी तलाशी

एसपी ने कहा कि माओवादी गतिविधियों के प्रति जिला पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसी के तहत सीमावर्ती जंगलों में सर्च अभियान जारी है। बान्दोवान की बरामदगी के बाद भी पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी। आगे की जांच से हथियारों को छिपाने के उद्देश्य और उनके स्रोत के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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