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मां की स्मृति में झुका शीश, नेमरा में हेमन्त सोरेन ने निभाईं पारंपरिक रस्में - aksharsamvad.com
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नेमरा में माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म के सातवें दिन पारंपरिक संस्कारों का निर्वहन करते मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन।

रामगढ़ :  मां को खोने का दुख और उनकी स्मृतियों के प्रति गहरी श्रद्धा बुधवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने अपनी दिवंगत माता रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म संस्कार के सातवें दिन परंपरा के अनुसार विभिन्न रस्मों का निर्वहन किया। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों की उपस्थिति में उन्होंने मां को नमन किया तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, रामगढ़ जिले के नेमरा में संपन्न इन संस्कारों के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी दिवंगत रूपी सोरेन को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की

श्राद्ध कर्म के सातवें दिन मुख्यमंत्री ने परंपरा के अनुरूप दातून, पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की। माता की स्मृति में किए गए इन संस्कारों के दौरान उन्होंने श्रद्धापूर्वक सभी निर्धारित रीति-रिवाज निभाए। यह अवसर परिवार के लिए भावनाओं से भरा रहा, जब मां के प्रति सम्मान और उनकी यादें इन पारंपरिक रस्मों के माध्यम से अभिव्यक्त हुईं। जारी तस्वीर में मुख्यमंत्री हाथ जोड़कर सिर झुकाए अपनी माता को नमन करते नजर आते हैं। उनके आसपास अन्य लोग भी उपस्थित दिखाई देते हैं। यह दृश्य मां के प्रति उनकी श्रद्धा और इस पारिवारिक क्षण की संवेदनशीलता को सामने लाता है।

परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी किया नमन

संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहे। गांव के लोगों ने भी उपस्थित होकर रूपी सोरेन की स्मृति को नमन किया। परिजनों और ग्रामीणों की सहभागिता के बीच सातवें दिन की रस्में पूरी की गईं। सभी ने दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नेमरा मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का पैतृक गांव है। इसी गांव में उन्होंने माता की स्मृति से जुड़े संस्कारों में भाग लिया। इस अवसर पर परिवार और गांव के लोगों की मौजूदगी ने श्रद्धांजलि के इस क्षण को सामूहिक संवेदना से जोड़ दिया।

श्रद्धा के साथ निभाई पारिवारिक परंपरा

मुख्यमंत्री सचिवालय की 14 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 332/2026 में सातवें दिन के इन संस्कारों की जानकारी दी गई है। विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने पूजनीय माता की आत्मा की शांति के लिए परंपरागत विधियों का पालन किया। मां की स्मृति में आयोजित इस संस्कार में श्रद्धा, पारिवारिक जुड़ाव और परंपरा एक साथ दिखाई दिए। मुख्यमंत्री ने रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए अपनी दिवंगत माता के प्रति आदर व्यक्त किया। वहीं, उपस्थित परिजनों और ग्रामीणों ने भी उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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