
जामताड़ा : गांव में पहली बार दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर उत्साहित लोगों की खुशियां पंडाल में आग लगने से मायूसी में बदल गईं। मिहिजाम थाना क्षेत्र के चरखापहाड़ी गांव में बुधवार और गुरुवार की मध्यरात्रि हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। पूजा समिति ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर आग लगने की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे किसी की भूमिका थी।
पहले आयोजन को लेकर थीं बड़ी उम्मीदें
चरखापहाड़ी में पहली बार आयोजित होने वाली दुर्गापूजा ग्रामीणों के लिए विशेष अवसर थी। लोग इस आयोजन को लेकर उत्साहित थे और गांव में पूजा की तैयारियों से खुशी का माहौल था। इसी बीच पंडाल में आग लगने की घटना ने उनकी उम्मीदों को झटका दिया है। एक ओर मिहिजाम शहर में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां चल रही हैं, वहीं चरखापहाड़ी के लोग अपने पूजा पंडाल की स्थिति देखकर मायूस हैं। पहली पूजा को लेकर संजोई गई खुशियों के बीच अब घटना के कारणों को जानने की चिंता भी जुड़ गई है।
पूजा समिति ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
पूजा समिति से जुड़े जयंतो दत्ता और मनोज दत्ता ने घटना की गहराई से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस स्पष्ट करे कि पंडाल में आग किन परिस्थितियों में लगी। समिति ने जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका की भी जांच करने को कहा है। समिति के सदस्यों ने मामले की सच्चाई सामने लाने और यदि किसी की संलिप्तता मिले तो उसकी पहचान करने की मांग रखी है। हालांकि, आग लगाए जाने की आशंका की अभी पुष्टि नहीं हुई है। घटना का वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस अधिकारियों ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की जानकारी मिलने पर मिहिजाम थाना प्रभारी प्रदीप राणा अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति की जानकारी ली। पुलिस आग लगने के कारणों की विभिन्न पहलुओं से पड़ताल कर रही है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी निश्चित कारण का खुलासा नहीं हुआ है। ऐसे में घटना को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जांच के निष्कर्ष से मिलने की उम्मीद है।
सच्चाई सामने आने का इंतजार
ग्रामीणों की नाराजगी के बीच अब सभी की नजर पुलिस की जांच पर है। पहली दुर्गापूजा से जुड़ी उनकी भावनाओं को इस घटना ने प्रभावित किया है। पूजा समिति और स्थानीय लोग चाहते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष पड़ताल हो, ताकि आग लगने की वजह स्पष्ट हो सके और घटना को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो।