
चक्रधरपुर। पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से 52 मोबाइल फोन चोरी होने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के 21 मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, जांच में ऐसे गिरोह का पता चला है, जो अलग-अलग राज्यों में दुकानों को निशाना बनाकर चोरी का सामान नेपाल में बेचता था। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से हुई गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब दो अन्य आरोपियों और बाकी मोबाइल की तलाश में जुटी है।
शटर उठाकर दुकान से उड़ाए थे मोबाइल
पुलिस के अनुसार, पांच अक्टूबर, 2026 को चक्रधरपुर थाना क्षेत्र स्थित रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स में चोरी हुई थी। दुकान का शटर उठाकर अंदर घुसे आरोपियों ने विभिन्न कंपनियों के कुल 52 मोबाइल फोन चुरा लिए थे। घटना के बाद चक्रधरपुर थाने में कांड संख्या 111/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच में घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए सीआईडी की फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ टीम को भी बुलाया गया था। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों से जुड़े सुराग खंगाले।
अलग-अलग टीमों ने की छापेमारी
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर छापेमारी के लिए अलग-अलग दल बनाए गए। कार्रवाई का नेतृत्व चक्रधरपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी और थाना प्रभारी ने किया। पुलिस के मुताबिक, अनुसंधान के दौरान पांच लोगों की कथित संलिप्तता सामने आई। विभिन्न स्थानों पर दबिश देने के बाद इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद 21 मोबाइल इसी दुकान में हुई चोरी से संबंधित बताए गए हैं।
बिहार के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोतिहारी जिले के घोड़ासहन निवासी नितेश पटेल, पूर्वी चंपारण के रक्सौल निवासी जितेंद्र साह उर्फ चोना और सुपौल जिले के राघोपुर निवासी गोविंद चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है। डॉ. हाशमी के अनुसार, जांच में सामने आया गिरोह दुकानों के शटर काटकर या उठाकर चोरी करने के तरीके अपनाता था। पुलिस ने इसकी गतिविधियां हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात समेत कई राज्यों में होने की जानकारी दी है।
नेपाल की सिम से लोकेशन तलाशने में परेशानी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चोरी किए गए महंगे मोबाइल और कीमती घड़ियां नेपाल में बेचते थे। चोरी के फोन में नेपाली सिम इस्तेमाल होने से उनकी लोकेशन का पता लगाने में कठिनाई आती थी। अलग-अलग राज्यों में वारदात करने के कारण आरोपियों की पहचान भी चुनौती बनी हुई थी।
दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने घोड़ासहन निवासी शेराज और आठमोहन निवासी संजय सहनी की कथित भूमिका भी सामने आने की बात कही है। दोनों की गिरफ्तारी तथा शेष मोबाइल की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। कार्रवाई में प्रशिक्षु डीएसपी अमित कुमार, रमेश गिरि, रंजीत उरांव, सुनील कुमार पांडेय और राज किशोर तिवारी शामिल थे।