
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां दिवंगत रूपी सोरेन के संस्कार भोज में संभावित भीड़ को देखते हुए रामगढ़ जिले में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 18 अक्टूबर को नेमरा में होने वाले कार्यक्रम के लिए 14 अतिरिक्त आईपीएस अधिकारी, 42 डीएसपी और 2300 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को कार्यक्रम के अगले दिन, 19 अक्टूबर की सुबह तक विधि-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।
वीआईपी और आम लोगों की भीड़ पर ध्यान
संस्कार भोज में विशिष्ट अतिथियों के साथ बड़ी संख्या में आम लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भी दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियों के लिए अधिकारियों और जवानों की व्यवस्था की गई है, ताकि आगंतुकों की आवाजाही के बीच विधि-व्यवस्था बनी रहे।
13 सुपर जोन में बांटी गई व्यवस्था
सुरक्षा प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए रामगढ़ जिले को 13 सुपर जोन में बांटा गया है। प्रत्येक सुपर जोन की जिम्मेदारी एक आईपीएस अधिकारी को दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस बल और प्रशासनिक कर्मी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियां संभालेंगे। अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाए गए वरिष्ठ अधिकारियों में इंद्रजीत महथा, सौरभ, सुमित कुमार अग्रवाल, हरविंदर सिंह, राकेश कुमार सिंह, गौरव गोस्वामी और रोशन गुड़िया सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। आयोजन के मद्देनजर विभिन्न इकाइयों से अधिकारियों को रामगढ़ भेजा गया है।
विशेष पुलिस इकाइयों की भी तैनाती
नेमरा की सुरक्षा व्यवस्था में झारखंड जगुआर के पांच असॉल्ट ग्रुप, एटीएस की दो हिट टीम और रैपिड एक्शन पुलिस की दो कंपनियां भी शामिल की गई हैं। उपलब्ध विवरण में पांच असॉल्ट ग्रुप के लिए 135 जवानों का उल्लेख है। इसके अलावा 60 पुलिस इंस्पेक्टर, एएसआई से दारोगा स्तर तक 300 कर्मी, यातायात व्यवस्था के लिए 40 अधिकारी, 1265 पुरुष लाठी बल, 100 महिला लाठी बल और 100 यातायात कर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई है।
नवरात्र की सुरक्षा भी समानांतर चुनौती
नेमरा के कार्यक्रम के साथ राज्यभर में नवरात्र और दुर्गापूजा की सुरक्षा व्यवस्था भी संभाली जा रही है। दोनों आयोजनों के मद्देनजर पूरे झारखंड में दस हजार से अधिक जवानों और अधिकारियों की तैनाती का उल्लेख किया गया है। यह संख्या केवल नेमरा के कार्यक्रम की नहीं है। पूजा के लिए जिलावार अतिरिक्त बल की सूची में रांची के लिए 749, जमशेदपुर के लिए 361, हजारीबाग के लिए 330, गिरिडीह के लिए 340 और धनबाद के लिए 220 जवान दर्शाए गए हैं। पुलिस-प्रशासन की तैयारियों का उद्देश्य संस्कार भोज और पूजा आयोजनों के दौरान भीड़ के बीच शांति तथा सुचारु व्यवस्था बनाए रखना है।