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सोन–कोयल नदी का कहर , हर साल निगल रही सैकड़ों एकड़ खेती / लोकसभा में मुद्दा उठा पर समाधान अब भी दूर - aksharsamvad.com
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हुसैनाबाद, पलामू: हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में झारखंड–बिहार सीमा से दंगवार से मोहम्मदगंज तक सोन–कोयल नदी का कटाव अब गंभीर आपदा का रूप ले चुका है। हर वर्ष सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में समा रही है और किसानों की पीढ़ियों की मेहनत पलभर में खत्म हो रही है। बड़ेपुर, बुधुआ, देवरी और घोड़बंधा गांव के किसान सबसे अधिक प्रभावित हैं। ग्रामीणों का दावा है कि हर साल 100 एकड़ से अधिक जमीन कटाव की भेंट चढ़ रही है, जबकि अब तक करीब 1000 एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो चुकी है।
    कटाव की उक्त ज्वलंत समस्या के कारण किसानों का आक्रोश इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि वर्षों से आश्वासन तो मिले, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव में नेता बदले, वादे बदले, लेकिन उनकी हालत नहीं बदली और यही पीड़ा उन्हें सता रही है।ग्रामीणों ने कटाव के पीछे अवैध और अनियंत्रित बालू खनन को बड़ी वजह बताया है। बड़ेपुर गांव के अशोक कुमार सिंह, डॉ.सूर्यदेव सिंह, रंजीत सिंह, राजू सिंह, ललन सिंह, राजेंद्र सिंह, राम किशुन सिंह सहित कई किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए आरोप लगाया है कि नदी से बड़े पैमाने पर बालू निकालने से धारा पश्चिम से पूरब की ओर बढ़ रही है और साथ ही नदी की गहराई भी अधिक होती जा रही है।इस कारण नदी तट के किनारे की भूमि का कटाव तेजी से रहा है। बाढ़ के समय यह स्थिति और भयावह हो जाती है, जब पानी का तेज बहाव हरे-भरे खेतों को काटते हुए नदी में समेट लेता है।
     यह संकट केवल कुछ गांवों तक सीमित नहीं रहा। परता, कबरा, अधौरा, रानदेवा और सजवन- सोनपुरवा जैसे कई इलाके भी इसकी चपेट में हैं। दूसरी ओर, बिहार के रोहतास और नौहट्टा क्षेत्र में तटबंध निर्माण से राहत मिली है, जबकि हुसैनाबाद क्षेत्र अब भी इंतजार में है।इस मुद्दे को कई बार पलामू के सांसद वी.डी. राम ने लोकसभा में उठाया, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। परिणामस्वरूप पलामू की सैकड़ों एकड़ भूमि प्रतिवर्ष सोन नदी में समाहित होती जा रही है।किसानों ने उच्चस्तरीय जांच, मजबूत तटबंध निर्माण और बालू खनन पर सख्त रोक की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। सवाल अब सीधा है कि किसानों की जमीन बचेगी या सिर्फ वादे ही मिलते रहेंगे? समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह कटाव पूरे इलाके की तस्वीर बदल देगा।
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