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सोहराय-सोहरा पेंटिंग से महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया रास्ता - aksharsamvad.com
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जमशेदपुर: पारंपरिक आदिवासी कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल सामने आई है। सोहराय और सोहरा पेंटिंग के माध्यम से गाँव की महिलाएं अब आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
अबीरा संस्था के संस्थापक और मुखिया पानो मुर्मू की पहल पर पिछले कई महीनों से गाँव की युवतियों और महिलाओं को सोहराय, सोहरा समेत अन्य आदिवासी पेंटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही थी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के अवसर से जोड़ना है।
इसी क्रम में पूर्वी हलुदबनी पंचायत के बागान टोला स्थित जाहेर स्थान की दीवारों पर खूबसूरत सोहराय और सोहरा पेंटिंग बनाई गई, जिसका आज विधिवत उद्घाटन किया गया। इस मौके पर अबीरा संस्था की संस्थापक स्वेता सिंह, मुखिया पानो मुर्मू और ग्राम माझी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर पेंटिंग का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर स्वेता सिंह ने कहा कि पेंटिंग के जरिए महिलाएं न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने हुनर से रोजगार भी प्राप्त कर सकेंगी। वहीं मुखिया पानो मुर्मू ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और आदिवासी कला एवं संस्कृति को संरक्षित करना है।
गाँव की दीवारों पर उकेरी गई ये पारंपरिक कलाकृतियां न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रही हैं, बल्कि महिलाओं के लिए आय का नया स्रोत भी बन रही हैं।
रिपोर्ट: बिनोद केसरी, जमशेदपुर
📞 9431906113 / 6203488947

 

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