ताजा खबर
रांची स्टेशन से गायब चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज में मिला, छह संदिग्ध गिरफ्तार•250 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत, राजगढ़ की मिट्टी से होती है मां दुर्गा की कलश स्थापना•मतदाता सूची सुधार अब घर बैठे, दस्तावेज लेने खुद पहुंचेंगे BLO•पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख रुपये की सुपारी का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार•LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कैंपस सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन ने दावों को बताया अफवाह•सड़क किनारे गाड़ी खड़ी की तो होगी कार्रवाई, झारखंड में अवैध पार्किंग के खिलाफ बड़ा अभियान•आरटीआई दिवस पर सेमिनार में उठेगा जवाबदेही का सवाल, नागरिक भागीदारी पर होगा मंथन•अमेरिका में ‘नॉर-ईस्टर’ तूफान का कहर, 20 फीट ऊंची लहरों ने तटीय इलाकों में मचाई तबाही•हड़ताल से पहले रविवार को खुले सरकारी बैंक, उमड़ी भीड़, काली पट्टी बांध कर्मचारियों ने जताया विरोध•एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह ने दिलाया रजत, तीरंदाजी में भारत की दोहरी सेमीफाइनल एंट्रीरांची स्टेशन से गायब चार वर्षीय बच्चा साहिबगंज में मिला, छह संदिग्ध गिरफ्तार•250 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत, राजगढ़ की मिट्टी से होती है मां दुर्गा की कलश स्थापना•मतदाता सूची सुधार अब घर बैठे, दस्तावेज लेने खुद पहुंचेंगे BLO•पत्नी ने रची पति की हत्या की साजिश, 10 लाख रुपये की सुपारी का खुलासा, सात आरोपी गिरफ्तार•LPU में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कैंपस सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग, प्रशासन ने दावों को बताया अफवाह•सड़क किनारे गाड़ी खड़ी की तो होगी कार्रवाई, झारखंड में अवैध पार्किंग के खिलाफ बड़ा अभियान•आरटीआई दिवस पर सेमिनार में उठेगा जवाबदेही का सवाल, नागरिक भागीदारी पर होगा मंथन•अमेरिका में ‘नॉर-ईस्टर’ तूफान का कहर, 20 फीट ऊंची लहरों ने तटीय इलाकों में मचाई तबाही•हड़ताल से पहले रविवार को खुले सरकारी बैंक, उमड़ी भीड़, काली पट्टी बांध कर्मचारियों ने जताया विरोध•एशियन गेम्स 2026: अभय सिंह ने दिलाया रजत, तीरंदाजी में भारत की दोहरी सेमीफाइनल एंट्री
नेशनल हाईवे-220 की बदहाली बनी जानलेवा, 8-10 साल से मरम्मत नहीं — पोटका में रोज हो रहीं दुर्घटनाएं - aksharsamvad.com
Spread the love

 

जमशेदपुर | जमशेदपुर के पोटका प्रखंड में नेशनल हाईवे-220 की जर्जर हालत अब लोगों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। हल्दीपोखर से हेंसड़ा तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 8 से 10 वर्षों से बदहाल पड़ी है, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, इस सड़क से गुजरना अब खतरे से खाली नहीं है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग अब तक पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
ग्रामीण सूरज मुर्मू, सलमा टुडू और कल्पना हांसदा ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति ने आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी भी ग्रामीणों को ही उठानी पड़ती है, जिससे वे परेशान हैं।
सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और उबड़-खाबड़ सतह के कारण भारी वाहनों के गुजरने से कंपन होता है। इससे सड़क किनारे बने कच्चे मकानों में दरारें पड़ने लगी हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ग्रामीणों ने खुद श्रमदान कर तीन बार सड़क की मरम्मत की कोशिश की, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका।
बारिश के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं। सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, खराब सड़क के कारण इलाके में धूल और प्रदूषण भी तेजी से फैल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से इस सड़क की कोई ठोस मरम्मत नहीं हुई है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।
रिपोर्ट – बिनोद केसरी, जमशेदपुर | संपर्क: 9431906113 / 6203488947
error: Content is protected !!
Exit mobile version