ताजा खबर
अंधविश्वास के खिलाफ छात्राओं ने बनाई ह्यूमन चेन, गांव तक गूंजा विज्ञान का संदेशहर मतदाता जरूरी, दृष्टिबाधित नागरिकों के लिए लगा विशेष पंजीकरण शिविर116 गांवों की आवाज बनी एक ताकत, सीमा गांव में संवाद यात्रा का समापनस्वास्थ्य सहिया चयन पर फिर उठे सवाल, ग्रामीणों के आरोपों के बाद आमसभा की तारीख बढ़ीआरम्भिका-2026 का समापन: छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से तनाव प्रबंधन तक मिला सफलता का मंत्रबिहार में नए DGP की रेस तेज, 5 नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा; कौन बनेगा पुलिस का नया मुखिया?‘शीशमहल’ पर सियासी घमासान, आतिशी ने भाजपा को दी घर की सच्चाई दिखाने की चुनौतीझारखंड में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत! 6 मेडिकल कॉलेजों में रेडिएशन-डे केयर सेंटर, हर जिले में मिलेगी कीमोथेरेपी‘स्पिरिट’ पर छिड़ी बहस, संदीप रेड्डी वांगा के भाई ने फिल्म समीक्षकों को दी खुली चुनौती15 से 29 साल के युवाओं के लिए बड़ा मौका! 30 सितंबर तक दें विकसित भारत क्विज, दिल्ली तक पहुंचने का मिलेगा मौकाअंधविश्वास के खिलाफ छात्राओं ने बनाई ह्यूमन चेन, गांव तक गूंजा विज्ञान का संदेशहर मतदाता जरूरी, दृष्टिबाधित नागरिकों के लिए लगा विशेष पंजीकरण शिविर116 गांवों की आवाज बनी एक ताकत, सीमा गांव में संवाद यात्रा का समापनस्वास्थ्य सहिया चयन पर फिर उठे सवाल, ग्रामीणों के आरोपों के बाद आमसभा की तारीख बढ़ीआरम्भिका-2026 का समापन: छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई से तनाव प्रबंधन तक मिला सफलता का मंत्रबिहार में नए DGP की रेस तेज, 5 नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा; कौन बनेगा पुलिस का नया मुखिया?‘शीशमहल’ पर सियासी घमासान, आतिशी ने भाजपा को दी घर की सच्चाई दिखाने की चुनौतीझारखंड में कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत! 6 मेडिकल कॉलेजों में रेडिएशन-डे केयर सेंटर, हर जिले में मिलेगी कीमोथेरेपी‘स्पिरिट’ पर छिड़ी बहस, संदीप रेड्डी वांगा के भाई ने फिल्म समीक्षकों को दी खुली चुनौती15 से 29 साल के युवाओं के लिए बड़ा मौका! 30 सितंबर तक दें विकसित भारत क्विज, दिल्ली तक पहुंचने का मिलेगा मौका
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 से बदलेगा लोकतंत्र का चेहरा: विधायक पूर्णिमा साहू - aksharsamvad.com
Spread the love

जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लेकर बड़ा बयान देते हुए इसे भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और युगांतरकारी कदम बताया है।
जमशेदपुर परिसदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को ‘नीति की लाभार्थी’ से ‘नीति निर्माता’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर 2023 में पारित इस संवैधानिक संशोधन के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिसमें एससी और एसटी वर्ग की सीटें भी शामिल हैं।
विधायक ने कहा कि महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की दिशा और दशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व में आती हैं, तो समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिलता है और समावेशी विकास को गति मिलती है।
अंत में पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है, जो महिलाओं को नीति निर्धारण और देश के भविष्य को आकार देने में सशक्त बनाएगा।
error: Content is protected !!
Exit mobile version