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*महिला आरक्षण बिल पर आज शाम 4:00 बजे मतदान होगा*  - aksharsamvad.com
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संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। इसी क्रम में आज शाम चार बजे महिला आरक्षण पर वोटिंग भी प्रस्तावित है। लेकिन अधिनियम लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिलाओं को इसका लाभ तुरंत नहीं मिलेगा। मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक, महिलाओं के लिए आरक्षण अगली जनगणना के आधार पर होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होगा।

*एक-तिहाई सीटें होंगी आरक्षित*

मालूम हो कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण अधिनियम भी कहा जाता है। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया था कि यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन के पूरा होने के बाद ही लागू होगा। वर्तमान में लोकसभा में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा चल रही है, उनका उद्देश्य इस आरक्षण को 2029 से लागू करना है।

संसद में बोलते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे मतदान होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की है, जिससे किसी तरह का भ्रम नहीं रहना चाहिए।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में उठ रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यदि इसके बावजूद कोई विरोध करता है, तो वह इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है।

रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर संसद में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है। कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर समर्थन मांगा गया। दूसरी तरफ संसद में बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिसने भी विरोध किया है, उसका परिणाम अच्छा नहीं रहा है। मैं अपील करता हूं कि इसे राजनीतिक नजरिए से न देखें। यह एक अवसर है कि हम सभी मिलकर विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ें। देश की नारी शक्ति हमारे फैसलों के साथ-साथ हमारी नीयत को भी परखेगी।” वहीं कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने प्रस्ताव का प्रारूप पढ़ा है। उन्होंने कहा, “इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू होगा, जिस पर हम सहमत हैं। साथ ही सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाने और परिसीमन आयोग बनाने की बात कही गई है, जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा। लेकिन इसमें राजनीति की झलक दिखाई देती है।”उन्होनें आगे कहा कि 2023 के बिल में नई जनगणना का प्रावधान था, जो अब इसमें शामिल नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भले ही श्रेय न लेने की बात कर रही हो, लेकिन महिलाएं सब समझती हैं और समय आने पर जवाब भी देती हैं। कांग्रेस ने 2023 में भी इस बिल का समर्थन किया था और अब भी उसका रुख स्पष्ट है।

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