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झारखंड में पहला एलीफैंट रेस्क्यू सेंटर शुरू, घायल हाथियों को मिलेगा नया जीवन - aksharsamvad.com
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झारखंड में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम प्रखंड के कुटीमाकुली गांव में राज्य का पहला एलीफैंट रेस्क्यू सेंटर शुरू किया गया है। इसका उद्घाटन प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने फीता काटकर किया। बोड़ाम प्रखंड के कुटीमाकुली गांव में बने इस एलीफैंट रेस्क्यू सेंटर का उद्देश्य घायल और जिद्दी हाथियों का इलाज और पुनर्वास करना है। अक्सर जंगली हाथी घायल हो जाते हैं या आबादी वाले क्षेत्रों में भटक जाते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति बनती है। अब ऐसे हाथियों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर इस सेंटर में लाया जाएगा, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज किया जाएगा। उपचार और देखभाल के बाद जब हाथियों की स्थिति सामान्य हो जाएगी, तब उन्हें वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह सेंटर आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिससे हाथियों के बेहतर इलाज और देखभाल सुनिश्चित की जा सकेगी। इस पहल से न सिर्फ हाथियों के जीवन की रक्षा होगी, बल्कि क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष को कम करने में भी मदद मिलेगी। कार्यक्रम में वन विभाग के कई अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे।
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