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बिजली के बिना अंधेरे में जीने को मजबूर विस्थापित परिवार - aksharsamvad.com
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चाईबासा रिपोर्टर 
 पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा बाजार स्थित डिपासाईं बस्ती से विस्थापित किए गए कुछ परिवारों को गुवा सेल प्रबंधन द्वारा नुईया गांव स्थित रेलवे साइडिंग के समीप नए घर आवंटित किए गए हैं। एक ओर जहां इन परिवारों को सिर पर छत मिल गई है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने उनकी जिंदगी को और अधिक कठिन बना दिया है। सबसे बड़ी समस्या बिजली की है, जो आज के दौर में एक मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है। विस्थापितों का कहना है कि नए आवंटित घरों में अब तक बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है। जब उन्होंने इस संबंध में पहल की, तो विद्युत विभाग के एसडीओ शंकर सैवईया (डीवीसी, नोवामुंडी) द्वारा प्रति घर 5400 रुपये जमा करने के बाद ही बिजली का नया कनेक्शन देने की बात कही गई है। गरीब परिवारों के लिए यह राशि काफी बड़ी है। कई परिवारों ने बताया कि वे पहले से ही रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, ऐसे में इतनी बड़ी रकम जमा करना उनके लिए संभव नहीं है। हालात ऐसे हैं कि अधिकांश लोग मजबूरी में अंधेरे में ही जीवन यापन करने को विवश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें घर तो दे दिया गया, लेकिन जरूरी सुविधाओं की अनदेखी की गई है। बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में उनका जीवन पहले से भी ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण हो गया है।
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