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यूसील के खिलाफ विस्थापितों का बिगुल, 5 जून को निर्णायक आंदोलन की चेतावनी - aksharsamvad.com
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जमशेदपुर के तुरामडीह में यूसील प्रबंधन के खिलाफ विस्थापितों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। तुरामडीह ग्राम सभा की ओर से आयोजित विशाल सभा में छह गांवों के ग्रामीणों ने भाग लेकर यूसील प्रबंधन पर वर्षों से शोषण और उपेक्षा का आरोप लगाया। सभा में 5 जून को निर्णायक आंदोलन का संकेत देते हुए ग्रामीणों से तैयार रहने की अपील की गई।
तुरामडीह स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलन के नेतृत्वकर्ता एवं झामुमो नेता बाघराय मार्डी ने कहा कि आगामी 5 जून को ग्राम सभा, 29 मई को जादूगोड़ा में चार बिंदुओं पर हुए समझौते को लेकर यूसील प्रबंधन से जवाब मांगेगी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के रुख के आधार पर आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय की जाएगी।
बाघराय मार्डी ने विशेष रूप से महिलाओं से आंदोलन के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि 5 जून को महिलाएं हाथों में झाड़ू लेकर माइंस गेट पर मौजूद रहें, क्योंकि किसी भी समय आंदोलन की घोषणा की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 1983-84 से यूसील प्रबंधन विस्थापितों के साथ अन्याय और शोषण करता आ रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सभा में ग्रामीणों ने कई महत्वपूर्ण मांगें भी उठाईं। इनमें तुरामडीह माइंस में होने वाली सभी नियुक्तियां ग्राम प्रधान के माध्यम से कराने, तुरामडीह माइंस विस्थापित समिति के कार्यालय को हटाने, यूसील प्रबंधन के संरक्षण में कथित रूप से फ्री हाजिरी लेने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग शामिल है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
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