ताजा खबर
AI की एक गलत सूचना से युद्ध के करीब पहुंचे अमेरिका-चीन, समय रहते दोबारा जांच से टला संकटजमशेदपुर से पटना तक रिश्वत का जाल, सीबीआइ ने लेखापाल को दबोचाLPG ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट, e-KYC नहीं तो बाजार दर पर मिल सकता है सिलेंडररेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, मालगाड़ी चालक की नजर पड़ने पर खुलासाजमशेदपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 26 अधिकारियों का तबादला; कई थानों की बदली कमानजमशेदपुर में जाम से निपटने का नया प्लान, पीक आवर में प्रमुख चौराहों पर बढ़ेगी पुलिसइंदिरा गांधी के दौर से जुड़ा है चुनाव चिह्न विवाद, अब TMC में छिड़ी जंगसांस लेने में परेशानी के बाद रूपी सोरेन अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में इलाजटिनप्लेट में लगातार हादसे, ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवालआंगनबाड़ी केंद्रों की अब ऑनलाइन निगरानी, रोज दर्ज करनी होंगी 5 गतिविधियांAI की एक गलत सूचना से युद्ध के करीब पहुंचे अमेरिका-चीन, समय रहते दोबारा जांच से टला संकटजमशेदपुर से पटना तक रिश्वत का जाल, सीबीआइ ने लेखापाल को दबोचाLPG ग्राहकों के लिए बड़ा अपडेट, e-KYC नहीं तो बाजार दर पर मिल सकता है सिलेंडररेलवे ट्रैक किनारे मिला अज्ञात शव, मालगाड़ी चालक की नजर पड़ने पर खुलासाजमशेदपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 26 अधिकारियों का तबादला; कई थानों की बदली कमानजमशेदपुर में जाम से निपटने का नया प्लान, पीक आवर में प्रमुख चौराहों पर बढ़ेगी पुलिसइंदिरा गांधी के दौर से जुड़ा है चुनाव चिह्न विवाद, अब TMC में छिड़ी जंगसांस लेने में परेशानी के बाद रूपी सोरेन अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में इलाजटिनप्लेट में लगातार हादसे, ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवालआंगनबाड़ी केंद्रों की अब ऑनलाइन निगरानी, रोज दर्ज करनी होंगी 5 गतिविधियां
सावन की पहली सोमवारी पर शिवभक्ति में डूबा कोल्हान, जमशेदपुर के शिवालयों में उमड़ी भीड़ - aksharsamvad.com
Spread the love

– चांडिल के जयदा में पहली बार हुई भव्य गंगा महाआरती

जमशेदपुर: सावन माह की पहली सोमवारी पर पूरा कोल्हान शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। जमशेदपुर के प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, वहीं सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित ऐतिहासिक जयदा शिव मंदिर में पहली बार सुवर्णरेखा नदी तट पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। दोनों आयोजनों में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान शिव और मां गंगा की आराधना की।

जमशेदपुर के विभिन्न शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा, आक और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से अभिषेक किया। मंदिर परिसर दिनभर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और देश-प्रदेश में शांति व खुशहाली की कामना की। मंदिर समितियों की ओर से पेयजल, कतार प्रबंधन और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।

वहीं रविवार शाम चांडिल अनुमंडल के ऐतिहासिक जयदा शिव मंदिर परिसर में सुवर्णरेखा नदी के तट पर पहली बार आयोजित भव्य गंगा महाआरती श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी। श्री श्याम सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में करीब पांच हजार श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। वाराणसी से आए पांच विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और घंटियों की मधुर ध्वनि के बीच मां गंगा की महाआरती संपन्न कराई। पूरे घाट पर दीपों की रोशनी और आकर्षक विद्युत सज्जा ने माहौल को दिव्य बना दिया।

जयदा शिव मंदिर से लेकर सुवर्णरेखा घाट तक भजन-कीर्तन, धार्मिक संगीत और ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें वाराणसी के गंगा घाटों जैसी आध्यात्मिक अनुभूति हुई। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। चांडिल और चौका थाना पुलिस के साथ स्थानीय गोताखोर भी नदी घाट पर तैनात रहे। स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा का जिम्मा संभाला।

error: Content is protected !!
Exit mobile version