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जमशेदपुर के बागबेड़ा में 250 से अधिक घरों में घुसा बाढ़ का पानी, स्वर्णरेखा-खरकाई और धानसारी नदी उफान पर - aksharsamvad.com
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जमशेदपुर : लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कोल्हान में बाढ़ का संकट गहरा दिया है। जमशेदपुर के बागबेड़ा नया बस्ती में नाला किनारे बसे निचले इलाके के 250 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। गुरुवार रात उड़ीसा डैम के दो फाटक खोले जाने के बाद इलाके में पानी तेजी से बढ़ा। देखते ही देखते घरों के आसपास जलजमाव की स्थिति बन गई और कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। लोगों में अफरातफरी मच गई।

घरों में घुसा पानी, छत पर पहुंचाया सामान

बागबेड़ा नया बस्ती के निचले इलाकों में पानी बढ़ने के बाद लोगों ने अपने जरूरी सामान को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। कई परिवारों ने बिस्तर, कपड़े, अनाज, दस्तावेज और अन्य घरेलू सामान घर की छतों पर पहुंचा दिया। अवधेश कुमार, अनिल कौशल कुमार सिंह, रंजीत गुप्ता, मुकेश कुमार समेत कई लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर चुका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात से ही पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था। नाला और आसपास के जलस्रोतों का पानी बस्ती की ओर आने से स्थिति और गंभीर हो गई। निचले इलाके में रहने वाले परिवारों को घरों में पानी भरने के बाद सुरक्षित स्थान तलाशने की चिंता सताने लगी।

स्वर्णरेखा और खरकाई भी उफान पर

जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकाई नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। लगातार बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण दोनों नदियों में तेज बहाव देखा जा रहा है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का सीधा असर नदी के आसपास बसे इलाकों पर पड़ा है। बागबेड़ा के अलावा अन्य निचले इलाकों में भी जलजमाव को लेकर लोगों में भय का माहौल है।

कुमारडुंगी में धानसारी नदी ने मचाई तबाही

पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी प्रखंड में भी भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए। गुरुवार तड़के करीब दो बजे से हुई तेज बारिश के बाद धानसारी नदी उफान पर आ गई। ईठर गांव का गड़ासाई टोला पूरी तरह जलमग्न हो गया। अचानक पानी बढ़ने के कारण ग्रामीणों को रात में ही घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
नदी के तेज बहाव में नदी किनारे स्थित एक घर बह गया। घर के साथ मुर्गी, बकरी, बर्तन, धान, चावल, दाल और अन्य घरेलू सामान भी पानी में बह गए। कई घरों में घुटने से ऊपर तक पानी भर गया था। अंधेरे के कारण लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई।

छह घंटे तक पानी के बीच फंसे रहे ग्रामीण

गड़ासाई टोला के ग्रामीणों के अनुसार रातभर पानी बढ़ता रहा। कई परिवार बच्चों और जरूरी सामान के साथ घंटों पानी के बीच फंसे रहे। सुबह रोशनी होने के बाद लोगों ने किसी तरह घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों का रुख किया। गड़ासाई टोला निवासी कुंती सिरका ने बताया कि पानी लगातार बढ़ रहा था। उनके पति बच्चों को लेकर मायके चले गए, जबकि वह छोटी बच्ची के साथ घर में फंसी रहीं। सुबह करीब साढ़े नौ बजे पानी कुछ कम होने के बाद वह घर से बाहर निकल सकीं।

छोटालुंती में सड़क पर भी बढ़ा खतरा

तेज बारिश से छोटालुंती गांव में भी नुकसान हुआ है। एक परिवार का घरेलू सामान पानी में बह गया। वहीं छोटालुंती नाला में तेज बहाव के कारण कुमारडुंगी-मझगांव मुख्य सड़क के किनारे कटाव शुरू हो गया है। सड़क के नीचे की मिट्टी पानी के बहाव में बह जाने से सड़क खोखली हो रही है। इससे सड़क के क्षतिग्रस्त होने और आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
फिलहाल बागबेड़ा से लेकर पश्चिमी सिंहभूम के कुमारडुंगी तक बारिश और नदियों के उफान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की नजर लगातार नदी और पानी के स्तर पर बनी हुई है।

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